नए परिचालन दिशानिर्देश जारी; सात वर्गों के लाभार्थियों के लिए सात उपाय और सात संस्थागत तंत्र होंगे लागू
नई दिल्ली, , भारत सरकार ने एनीमिया की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) अभियान के नए परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं। 29 जून 2026 को आयोजित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद की 16वीं बैठक के दौरान जारी इन दिशानिर्देशों में एनीमिया से निपटने के लिए 7ङ्ग7ङ्ग7 रणनीति अपनाई गई है। यह पहले से लागू 6ङ्ग6ङ्ग6 रूपरेखा को और व्यापक बनाती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। नए दिशानिर्देशों में एनीमिया की व्यापक जांच, समय पर उपचार, डिजिटल निगरानी, पोषण संबंधी और गैर-पोषण संबंधी कारणों की पहचान, आहार विविधीकरण तथा जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है।
7ङ्ग7ङ्ग7 रणनीति के तीन प्रमुख आधार
एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत 7ङ्ग7ङ्ग7 ढांचे में सात लाभार्थी समूह, सात प्रमुख उपाय और सात संस्थागत तंत्र शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य एनीमिया की रोकथाम के साथ-साथ रोग की पहचान, उपचार और उपचार के बाद निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करना है।
सात लाभार्थी समूह
अभियान के तहत निम्न सात वर्गों को लक्षित किया गया है—
1. 6 से 59 महीने तक के बच्चे।
2. 5 से 9 वर्ष के बच्चे।
3. 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियां।
4. गर्भवती महिलाएं।
5. स्तनपान कराने वाली माताएं।
6. 20 से 49 वर्ष की प्रजनन आयु वाली महिलाएं।
7. 0 से 6 महीने के कम वजन वाले शिशु।
एनीमिया से निपटने के सात उपाय
सरकार ने एनीमिया की रोकथाम और उपचार के लिए सात प्रमुख उपाय निर्धारित किए हैं। इनमें निवारक आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) अनुपूरण, एनीमिया की जांच और इसका चिकित्सीय प्रबंधन शामिल है।
इसके अलावा कृमिनाशक दवा देने, प्रसव के दौरान विलंबित गर्भनाल विच्छेदन को बढ़ावा देने, एनीमिया के बारे में आम धारणाओं को दूर करने और आईएफए अनुपूरण के प्रति लोगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए संचार रणनीति अपनाई जाएगी।
अभियान में एनीमिया के गैर-पोषण संबंधी कारणों के समाधान तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध लौह-युक्त खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने और आहार में विविधता लाने पर भी जोर दिया गया है।
सात संस्थागत तंत्र किए जाएंगे मजबूत
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सात संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करने की योजना है। इनमें अंतर-मंत्रालयी समन्वय, एनीमिया पर राष्ट्रीय उत्कृष्टता एवं उन्नत अनुसंधान केंद्र, राष्ट्रीय एएमबी अभियान इकाई और आपूर्ति श्रृंखला एवं लॉजिस्टिक्स को मजबूत करना शामिल है।