देहरादून। अपनी लंबित मांगों को लेकर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सोमवार को प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षकों ने राजधानी में शक्ति प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में शिक्षक परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच के लिए निकले और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कनक चौक के समीप बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। इस दौरान शिक्षकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की व तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में शिक्षक सड़क पर धरने पर बैठ गए और मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। शिक्षक संघ ने मांगपत्र में कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। संघ का तर्क है कि ये शिक्षक वर्षों से नियमों के तहत नियुक्त होकर सेवाएं दे रहे हैं और प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। हाल ही में टीईटी संबंधी न्यायालय के आदेश के बाद हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। संघ का दावा है कि उत्तराखंड में 20 हजार से अधिक और देशभर में करीब 25 लाख शिक्षक इस मुद्दे से प्रभावित हैं। ज्ञापन में प्रदेश के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने, प्राथमिक शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों को डीएलएड और एससीईआरटी में समायोजित करने, दीर्घ शैक्षणिक अनुभव के आधार पर शिक्षकों को टीईटी से छूट देने, स्थानांतरण प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा शिक्षामित्रों को न्यूनतम वेतनमान देने की मांग की गई है। इसके अलावा गोल्डन कार्ड की खामियां दूर करने, आनलाइन कार्यों के लिए मोबाइल रिचार्ज भत्ता देने, विद्यालयों के कोटिकरण की विसंगतियां समाप्त करने और प्राथमिक शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। इस दौरान देहरादून से धर्मेंद्र रावत, चमोली से दिगंबर नेगी, अल्मोड़ा से किशोर जोशी, टिहरी चंद्रवीर नेगी, उत्तरकाशी जयदेव राणा, बागेश्वर से दीपक रावत, चंपावत से उत्तम फत्र्याल, पिथौरागढ़ से करन सामंत, प्रकाश जोशी, जितेंद्र वल्दिया, मनोज तिवारी, अश्विनी चौहान, सुरेश उप्रेती, देवेंद्र चौधरी, मनोज जुगरान, विक्रम झिंक्वाण आदि रैली में शामिल हुए।