दून में फुटपाथों पर पैदल चलने वालों का जीना हुआ दुभर

Spread the love

देहरादून। सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन पहले एक बार फिर साफ कर दिया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए हैं और जिम्मेदार एजेंसियां उन्हें अतिक्रमण मुक्त रखें। लेकिन दून में हालात ऐसे हैं कि फुटपाथ अब पैदल यात्रियों के नहीं, बल्कि कब्जेदारों के अधिकार क्षेत्र में दिखाई देते हैं। शहर के व्यस्त बाजारों और प्रमुख मार्गों पर पैदल चलना जोखिम भरा हो चुका है। लोग फुटपाथ छोड़कर वाहनों के बीच सड़क पर चलने को मजबूर हैं। जिम्मेदार नगर निगम, प्रशासन और पुलिस का तंत्र वर्षों बाद भी इस जटिल समस्या का स्थायी समाधान खोजने में विफल रहे हैं।
राजपुर रोड, सहारनपुर रोड, गांधी रोड, जीएमएस रोड, चकराता रोड, ईसी रोड, धर्मपुर और सबसे अधिक पलटन बाजार व धामावाला क्षेत्र में फुटपाथों की स्थिति सबसे खराब है। दुकानों का फैलाव, रेहड़ी-फड़, अवैध पार्किंग और अस्थायी निर्माण ने पैदल रास्तों को निगल लिया है। मोटे तौर पर शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों में 70 प्रतिशत से अधिक फुटपाथ किसी न किसी रूप में अतिक्रमण की चपेट में हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को होती है, जिन्हें सड़क पर वाहनों के बीच से गुजरना पड़ता है।
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर फुटपाथ बनाए गए, लेकिन उनका लाभ पैदल यात्रियों को नहीं मिल सका। शहर में ट्रैफिक बढ़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी। इसके बावजूद पैदल चलने वालों के अधिकार सबसे नीचे दिखाई देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *