पीपीपी मोड में चलेगी सितारगंज चीनी मिल, टेंडर प्रक्रिया प्रारम्भ

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रुद्रपुर। शासन ने दिसंबर 2017 को बंद चीनी मिल को पीपीपी मोड में पुन: चलाने को टेंडर निकाल दिए हैं। एक जुलाई को टेक्निकल व फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। आगामी सत्र से मिल गन्ना पिराई का शुरू हो जाएगा। सितारगंज की किसान सहकारी चीनी मिल को 5 दिसम्बर 2017 को बंद कर दिया था। यहां तैनात कर्मचारियों को बीआरएस दे दिया था। इसके बाद से किसान, राजनैतिक दल आंदोलनरत थे। सितारगंज, नानकमत्ता, खटीमा क्षेत्र के गन्ना किसानों ने चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति का गठन भी किया गया था। सरकार ने एक बार पुन: मिल चलाने के लिए निविदा आंमत्रित कर दी है। क्षेत्र के गन्ना किसानों ने मिल पुनº संचालित करने के निर्णय का स्वागत किया है।
मिल बंद होने से हो गया था गन्ना किसानों का मोह भंग : सितारगंज। सितारगंज चीनी मिल में सितारगंज, नानकमत्ता, खटीमा क्षेत्र के गन्ना किसान गन्ना बेचते थे। सितारगंज में करीब 6500 हेक्टेअर में गन्ना बुआई होती थी। मिल बंद होने के बाद सितारगंज क्षेत्र का गन्ना किच्छा, बाजपुर, बहेड़ी मिलों को जाने लगा। किसान सरकार के निर्णय से सहमत नहीं थे। किसानों ने गन्ने की बुआई कम कर दी। वर्तमान में गन्ने का रकवा 2500 हेक्टेअर से कम रह गया। एक बार चीनी मिल चलाने के निर्णय के बाद क्षेत्र के गन्ना किसानों ने अच्छा निर्णय बताते हुए स्वागत किया है।
सितारगंज चीनी मिल पुन: शुरू कराने के लिए सितारगंज, नानकमत्त्ता, खटीमा के किसानों को वायदा किया था। मिल संचालन के लिए टेंडर सरकार ने लगा दिया गया है। आगामी सत्र में मिल चलेगी। किसानों की मांग पूरी हुई। मिल संचालन से स्थानीय युवाओं, लोगों को प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सीएम तीरथ सिंह रावत और गन्ना मंत्री यतीश्वरानंद का आभार। क्षेत्र की जनता को बधाई। -सौरभ बहुगुणा, विधायक सितारगंज
सितारगंज चीनी मिल में आगामी सत्र में सितारगंज चीनी मिल में पेराई शुरू हो सकेगी। पिछले चार वर्षों से यह चीनी मिल बन्द थी। सितारगंज चीनी मिल को पुन: संचालन के लिए सितारगंज, खटीमा, नानकमत्ता के विधायकों को भी विशेष प्रयासों के लिए धन्यवाद। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और गन्ना उद्योग मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद का हार्दिक आभार। -राजपाल सिंह, उपाध्यक्ष किसान आयोग, उत्तराखण्ड

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