नई दिल्ली , निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जारी विवाद के बीच विपक्षी इंडिया गठबंधन की बुधवार को नई दिल्ली में बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी तथा राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन (ईवीएम)-वीवीपैट और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर संयुक्त रणनीति को लेकर चर्चा हुई।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई। खड़गे ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 में परिकल्पित स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन आयोग के बिना विश्वसनीय चुनाव संभव नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को अस्पष्ट, मनमाने या उचित निगरानी के बिना चुनावी प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।
खड़गे ने एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। विपक्षी दलों की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जा रही है।
बैठक के दौरान तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कथित तौर पर नाम गायब होने के संदर्भ में ज्ञानेश कुमार को ‘गायब कुमारÓ कहकर संबोधित किया।
ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल भाजपा को पश्चिम बंगाल में राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। ये आरोप ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
बैठक में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हुए। अखिलेश यादव राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया में व्यस्त होने के कारण बैठक में नहीं पहुंच सके और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने आभासी माध्यम से भाग लिया। उद्धव ठाकरे की ओर से भी प्रत्यक्ष उपस्थिति नहीं रही।
द्रमुक और आम आदमी पार्टी ने बैठक में शामिल नहीं होने की जानकारी पहले ही दे दी थी। द्रमुक की ओर से कहा गया कि पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है, हालांकि संसद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने से संबंधित प्रस्ताव का वह समर्थन करेगी।
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राष्ट्रीय जनता दल, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (एम), मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, विदुथलाई चिरुथिगल काची, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल कांग्रेस (जोसेफ) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक सहित 19 दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई।