जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों से परिचित कराने के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य एवं संरक्षक प्रो. डीएस नेगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

प्राचार्य ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने और न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का आधार है। उन्होंने महाविद्यालय के ड्रेस कोड को अनुशासन, गरिमा और विद्यार्थी की पहचान का प्रतीक बताते हुए निर्धारित वेशभूषा में आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना भी है। इसी उद्देश्य से महाविद्यालय में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के साथ देवभूमि उद्यमिता एवं विकास योजना और कौशल विकास जैसे रोजगार परक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के नोडल अधिकारी प्रो. दीपक पांडे ने परिचयात्मक सत्र में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों और प्राध्यापकों से परिचित कराया। उन्होंने नई शिक्षा नीति की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विषय चयन के अधिक अवसर मिलते हैं। उन्होंने मल्टीपल एंट्री-मल्टीपल एग्जिट व्यवस्था, प्रमाण-पत्र, डिप्लोमा और डिग्री के विकल्पों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। बीएड विभागाध्यक्ष एवं शास्तामंडल प्रमुख प्रो. बीसी शाह ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की आचार संहिता से अवगत कराया। उन्होंने अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा दी। एनसीसी प्रभारी एवं चित्रकला विभाग प्रभारी डॉ. विनोद भंडारी ने एनसीसी की उपयोगिता और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में एनएसएस प्रभारी डॉ. जितेंद्र दिवाकर, मीनाक्ष वर्मा, हीरा सिंह, अनुपमा भंडारी आदि मौजूद रहे।