जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मालिनी महोत्सव के चौथे दिन लोकगायिका कल्पना चौहान की मधुर आवाज ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर शाम तक दर्शक उनके लोकगीतों पर झूमते नजर आए। कार्यक्रम में हास्य कलाकार संदीप छिलबट ने भी अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को खूब गुदगुदाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए वक्ताओं ने युवाओं से अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी असली पहचान है। लोकगीत संध्या की शुरुआत गणेश वंदना से की गई। इसके बाद लोकगायिका कल्पना चौहान ने “हाय कखड़ी सिल मा”, “फ्वां बाघा रे”, “ह्यूंदा का दिना दिन बोड़ी ऐगेना” सहित कई लोकप्रिय लोकगीत प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शक देर तक झूमते रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न लोक संस्कृति से जुड़ी झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम समिति के सदस्य गौरव जोशी ने बताया कि इससे पूर्व स्कूली बच्चों के लिए डांस प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें जूनियर वर्ग में अवनी रावत, आराध्य बड़थ्वाल, नित्य रावत, सीनियर वर्ग में कामिनी चमोली, बीरा काला, रूद्राक्षी तथा ग्रुप डांस में गुरुकुल कथक केंद्र, नृत्य स्टूडियो और विमेन ग्रुप ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।