जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत महर्षि कण्व की तपस्थली और चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर स्वच्छता, जनभागीदारी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। कण्वाश्रम ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसकी स्वच्छता और संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अभियान के दौरान भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान समाज के प्रति दायित्वों के निर्वहन और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सेवा मेरा योगदान का भाव तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक कार्यकर्ता और नागरिक समाजहित में अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। कहा कि स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिक कर्तव्य और सामूहिक जिम्मेदारी भी है। कण्वाश्रम जैसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थलों का संरक्षण सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है। ऐसे स्थलों पर श्रमदान कर भावी पीढ़ियों के लिए अपनी विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प लेना चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान समाज में सेवा और समर्पण की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। कण्वाश्रम में आयोजित स्वच्छता अभियान ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप दिया है। ऐसे में सभी को अपने आसपास के क्षेत्रों और ऐतिहासिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। इस अवसर पर जिला प्रभारी रमेश मैखुरी, महापौर शैलेंद्र सिंह रावत, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष शांता बमराड़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष आशीष रावत, विकासदीप मित्तल, पार्षद सौरव नौडियाल, शशिकांत जोशी, रजनीश बेबनी सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।