जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : वर्षाकाल थमने के बाद भी कोटद्वार-दुगड्डा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। हाईवे पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और पहाड़ियों से गिरते बोल्डर राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं।

दो वर्ष पूर्व वर्षाकाल के दौरान कोटद्वार-दुगड्डा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। वर्षा थमने के बाद मार्ग की मरम्मत होनी चाहिए थी, लेकिन हाईवे की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। कुछ माह पूर्व मरम्मत के नाम पर कुछ स्थानों पर पुश्तों का निर्माण किया गया, लेकिन सड़क के कई हिस्सों में गड्ढे अब भी बने हुए हैं। इस वर्षाकाल में भी राहगीरों को खस्ताहाल सड़क के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। हाईवे पर बने गहरे गड्ढें के कारण वाहनों के अनियंत्रित होने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। कुछ दिन पूर्व पांचवें मील के समीप भी एक कार गड्ढे में फंसने के बाद सड़क पर पलट गई थी। इसके बावजूद मार्ग की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है।
सूखने के बाद पहाड़ी से गिर रहे बोल्डर
कोटद्वार-दुगड्डा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर पहाड़ियों से बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। वर्षा के बाद मिट्टी सूखने और ढीली चट्टानों के खिसकने से बोल्डर सड़क पर गिर रहे हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। कुछ दिन पूर्व एक कार के अगले शीशे पर बोल्डर गिर गया था। वहीं, करीब दो माह पहले कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कार पर भी बोल्डर गिरा था। हालांकि, दोनों घटनाओं में किसी के चोटिल होने की सूचना नहीं है। हाईवे पर लगातार बने हुए इन खतरों के बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति और पहाड़ियों से गिरते बोल्डर वाहन चालकों के लिए चुनौती बने हुए हैं। मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले लोगों को हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।