कोटद्वार में ओवर स्पीड वालों की अब खैर नहीं, पहली बार में तीन माह के लिए कैंसिल होगा लाइसेंस 

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। कोटद्वार पुलिस को इंटरसेप्टर काल मिल गई है। इससे ओवर स्पीड पर लगाम लगेगी। इस कार से बचने का एक ही तरीका है कि सड़क पर स्पीड नियंत्रित करके ही चलना होगा। वरना इसकी नजर से बचना मुश्किल है। यातायात पुलिस का कहना है कि कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों में ओवर स्पीड पर चलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। यातायात पुलिस ने ट्रॉयल के दिन ही 6 ओवर स्पीड कारों का चालान किया। जिससे वाहन चालकों में हडकंप मच गया। इंटरसेप्टर कार को पहाड़ी क्षेत्रों में भी भेजा जाएगा।
अब तक कोटद्वार पुलिस और यातायात पुलिस नियमों का पालन न करने वालों के मैनुअल चालान करती थी। इसमें पुलिस को कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत करने में दिक्कत होती थी। क्योंकि ओवर स्पीड सहित अन्य नियमों को तोड़ने का कोई साक्ष्य नहीं होता था। लेकिन अब कोटद्वार में यातायात पुलिस को इंटरसेप्टर कार मिल चुकी है। इस कार की खासियत ये है कि कार में डिजिटल स्पीडोमीटर और एल्कोहल मीटर लगा हुआ है। यह दूर से ही वाहनों की स्पीड को नापकर वाहन के फोटोग्राफ समेत कई जानकारी प्रिंट कर देती है। जिस कारण ट्रैफिक इंचार्ज को ओवर स्पीड में चालान करने में सुविधा मिलती है। इस इंटरसेप्टर कार से ओवर स्पीड का चालान भी काफी महंगा है, जो कि न्यायालय व परिवहन विभाग के कार्यालय में ही भुगतान होगा। जबकि, नकद चालान का कोई प्रावधान नहीं है।
ट्रैफिक इंचार्ज कृपाल सिंह ने बताया कि कोटद्वार में इंटरसेप्टर कार लाई गई है। इसका ट्रॉयल भी कर लिया गया है। ट्रॉयल के दौरान अभी तक 12 चालान इंटरसेप्टर कार ने किए हैं। इंटरसेप्टर कार का सबसे बड़ा फायदा पहाड़ी क्षेत्रों में मिलेगा। क्योंकि, पहाड़ी क्षेत्रों में जो वाहन ओवर स्पीड से चलते थे। उनकी स्पीड नापने में हम असमर्थ रहते हैं।  कार में स्पीडोमीटर लगा है, जो ओवर स्पीड में चल रहे वाहनों की फोटोग्राफ प्रिंट कर देती है। इसके अलावा कार में एक अल्कोहल मीटर भी है। जो लोग सड़कों पर शराब पीकर वाहन चलाते हैं। उन्हें अल्कोहल मीटर से आसानी से पकड़ा जा सकेगा। अब इंटरसेप्टर कार के आ जाने से पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा। जबकि, ट्रैफिक कंट्रोल करने में भी इसका लाभ मिलेगा।
पहली बार में तीन माह के लिए कैंसिल होगा लाइसेंस 
ट्रैफिक इंचार्ज कृपाल सिंह ने बताया कि मैदानी, पहाड़ी, एनएच और शहर के बीच के लिए अलग-अलग स्पीड़ तय की गई है। निर्धारित स्पीड से अधिक गति से वाहन चलाने पर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि शहर के लिए 20, पहाड़ के लिए 30, मैदानी के लिए 30 और राष्ट्रीय राजमार्ग पर 40 किमी. प्रति घंटे की स्पीड तय की गई है। एनएच पर अधिक गति के अलावा न्यूनतम गति से वाहन चलाने पर भी चालान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पहली बार में चालान होने पर लाइसेंस तीन माह के लिए कैंसिल किया जायेगा। जबकि दूसरी बार में चालान होने पर लाइसेंस निरस्त किया जायेगा।

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