कटाल्डी खनन विरोधी आंदोलन की रजत जयंती मनाई

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नई टिहरी। हेवलघाटी के कटाल्डी गांव में कटाल्डी खनन विरोधी आंदोलन की रजत जयंती पर पारंपरिक पहाड़ी खानपान महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले 28 आंदोलनकारियों तथा उनके परिजनो को सम्मानित किया गया। सोमवार को चंबा ब्लाक के हेवलघाटी स्थित कटाल्डी गांव में आयोजित कटाल्डी खनन विरोधी आंदोलन की रजत जयंती व पहाड़ी खानपान महोत्सव का शुभारंभ कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने दीप प्रज्वलित कर किया, उन्होंने कहा कि हेवलघाटी आंदोलनों की भूमि है। वर्ष1994 में ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र में चूना पत्थर खनन के विरोध में जो आंदोलन चलाया था, उसके परिणाम स्वरूप आज क्षेत्र में जैव विविधता, जल, जंगल और भूमि बची हुई है। कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हितों के लिए कृषि कानून लागू किया गया है, लेकिन विपक्षी दलों और बिचौलियों द्वारा किसानों को गुमराह किया जा रहा है। बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी ने बताया कि पांच जून 1994 को चूना पत्थर खनन के ठेकेदारों के खिलाफ ग्रामीणों ने खनन विरोधी आंदोलन शुरू कर धरने पर बैठे गए। खनन के ठेकेदारों ने ग्रामीणों पर घोड़े दौड़ा दिए, जिसमें कई ग्रामीण घायल हो गए थे। बावजूद आंदोलन जारी रहा जिसके परिणामस्वरूप कटाल्डी खनन पर रोक लग पाई। कार्यक्रम में कटाल्डी खनन विरोधी आंदोलनकारी रहें स्व. आरएस टोलिया, स्व. कुंवर प्रसून के परिजनों सहित भगवती प्रसाद लखेड़ा, दयाल भंडारी, सुदेशा बहन आदि को सम्मानित किया गया। मौके पर नरेंद्रनगर ब्लॉक प्रमुख राजेन्द्र भंडारी, प्रमुख चंबा शिवानी बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष सुमना रमोला, जेष्ट प्रमुख संजय मैठाणी, प्रमोद उनियाल, सोमवारी लाल सकलानी, सभासद शक्ति जोशी, संजय बहुगुणा, अक्षत पवन बिजल्वाण, रघुभाई जड़धारी, दिनेश उनियाल आदि मौजूद थे।

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