देहरादून। मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संघ उत्तराखंड के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित बीएससी एमएलटी प्रशिक्षित युवाओं ने मंगलवार को सचिवालय कूच किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी उपेक्षा का आरोप लगाया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष खाली, महासचिव मयंक राणा ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार ने लैब टेक्नोलॉजिस्टों के लिए कोई स्पष्ट सेवा नियमावली नहीं बनाई है। शिक्षित और पंजीकृत युवा बेरोजगार भटक रहे हैं, जबकि सरकार सरकारी अस्पतालों की प्रयोगशालाओं को निजी कंपनियों को ठेके पर दे रही है। इससे न केवल स्थाई रोजगार खत्म हो रहा है, बल्कि जांच की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीशियनों की भारी कमी से जनता परेशान है। प्रदर्शन में उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, धनवीर, रजत मोहिन, गणेश गोदियाल और रजत सहित भारी संख्या में युवा मौजूद रहे।ये हैं प्रमुख मांगें: आईपीएचएस 2012 मानकों के अनुसार लैब टेक्नीशियन के पदों का तुरंत सृजन हो, सभी रिक्त पदों को वर्षवार मेरिट के आधार पर पारदर्शिता से भरा जाए, लंबे समय से भर्ती न होने के कारण ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को आयु सीमा में एकमुश्त छूट दी जाए।