जयन्त प्रतिनिधि।
लैंसडौन : लैंसडौन का नाम बदलकर जसवंत गढ़ छावनी करने के प्रस्ताव का विरोध थम नहीं रहा है। स्थानीय संगठनों ने आगामी 28 अप्रैल को सांकेतिक बाजार बंदी के साथ ही धरना-प्रदर्शन व जुलूस निकालने का निर्णय लिया है।
लैंसडौन होटल एसोसिएशन, कैंट होटल एसोसिएशन, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन जीएम ग्रुप और नागरिक मंच के पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। संगठनों ने सुझाव दिया कि वीर योद्धा हीरो ऑफ द नेफा राइफलमैन जसवंत सिंह रावत की स्मृति में युवाओं को रोजगार देने वाला संस्थान या आधुनिक चिकित्सालय स्थापित किया जाना चाहिए, जिसका लाभ आमजनों को मिल सके। बता दें कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत छावनी परिषद ने लैंसडौन का नाम जसवंत गढ़ करने के संबंध में बीती 10 अप्रैल को आयोजित बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया था। इस बारे में आम जनता से 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। बैठक में लैंसडौन होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सतीजा, कैंट होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सलीम रहमान, नागरिक मंच के अध्यक्ष महिपाल रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, होटल एसोसिएशन जीएम ग्रुप के अध्यक्ष सक्षम खंडेलवाल आदि उपस्थित रहे।