‘ऑपरेशन सिंदूर से मिला सबक’: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं-आत्मनिर्भरता ही संकट में देश का असली रक्षक

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नई दिल्ली,आज के दौर में आत्मनिर्भरता सिर्फ विकास का लक्ष्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मजबूती की भी अहम जरूरत बन गई है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ कर दिया कि किसी देश की सैन्य तैयारी और रणनीतिक प्रभाव को मजबूत बनाने में स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की कितनी बड़ी भूमिका होती है। यह बातें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के 2023 और 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही। मुर्मू ने आगे कहा कि दुनिया इस समय संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वही देश ज्यादा मजबूत स्थिति में रहता है, जो अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर कम और खुद पर ज्यादा निर्भर हो। आत्मनिर्भर देश संकट की घड़ी में अपनी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ विकास संबंधी प्राथमिकताओं को भी बेहतर तरीके से पूरा कर सकता है।

7 से 10 मई 2025 के बीच हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 7 से 10 मई 2025 के बीच चलाया गया अभियान था। इस दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इनमें अधिकांश पर्यटक थे।

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