उत्तराखंड

कौसानी में पत्नी के हत्यारोपी को आजीवन कारावास

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बागेश्वर। जिला सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने हत्या के बाद शव को दफानाकर साक्ष्य मिटाने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। घटना नौ नवंबर 2021 की रात ग्राम अमोली, कौसानी की है। 38 वर्षीय अभियुक्त जगदीश राम पुत्र गोपाल राम का अपनी पत्नी दीपा देवी से झगड़ा हुआ। रात लगभग 11 बजे घर के नीचे खेत में उसने दीपा के सिर पर पत्थर मार दिया। जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद अभियुक्त घर गया, वहां से एक चादर लेकर आया और शव को बांधकर गेधेर में दफना दिया। मृतका का मोबाइल का सिमकार्ड भी तोड़ दिया और उसके कपड़ों को झाड़ी में टुपा दिया। उसके मायके में फोन से सूचना दी कि वह कहीं चली गई है। 18 नवंबर को गांव की लीला देवी, लता देवी, मुन्नी देवी आदि भौसिया सिमार गधेरे में घास काटने गईं थी। उन्हें बाल बिखरे हुए और मक्खियां भिनकते दिखाई दीं। उन्होंने इसकी सूचना ग्राम प्रधान को दी। इसके बाद पुलिस ने शव बरामद किया। जिसकी शिनाख्त दीपा देवी पत्नी जगदीश राम के रूप में हुई। 20 नवंबर को कौसानी थाने में मृतका के भाई सूरज कुमार ने प्राथमिकी दर्ज करायी। पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर चादर, पत्थर और मृतका के कपड़े बरामद किए। न्यायालय में आरोपत्र प्रेषित किया। अभियोजन के पक्ष से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने 17 गवाह परीक्षित कराए। जिला सत्र न्यायाधीश ने गवाहों के बयानों, एफएसएल रिपोर्ट, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दोषसिद्घ किया। धारा 302 में अभियुक्त को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये का जुर्माना, जबकि 201 में साक्ष्य टुपाने पर दो वर्ष और 10 हजार रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।

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