लॉकडाउन : आज शिवालयों पर होने वाले जलाभिषेक पर पूरी तरह रोक

Spread the love

संवाददाता
हरिद्वार। आज रविवार को शिवालयों पर होने वाले जलाभिषेक पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। स्थानीय लोग भी जलाभिषेक से वंचित रहेंगे। धारा 144 और लॉकडाउन लगने के कारण यह फैसला लिया गया है। रविवार को मंदिर भी बंद होंगे। जिस कारण पुजारियों को ही पूजा पाठ करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा किसी को भी मंदिर में नहीं जाने दिया जाएगा। प्रसिद्ध मंदिरों पर पुलिस का पहरा भी रहेगा। सावन मेले की शुरुआत छह जुलाई से शुरु हुई थी। आज रविवार और सोमवार को रद्द हो चुके सावन मेले का जलाभिषेक होना था। इस दिन भक्त भगवान शंकर के मंदिरों में जाकर उनको जल चढ़ाते है और उनकी पूजा अर्चना करते है। लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण कांवड़ मेले को रद किया गया था। साथ ही 19 और 20 जुलाई को होने वाले जलाभिषेक के अलावा सोमवती अमावस्या को देखते हुए जिले की सीमाओं को सील किया गया है, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति हरिद्वार न पहुंच सके। सोमवती अमावस्या और चार जिलों में हुए लॉकडाउन के कारण आज रविवार को स्थानीय लोग भगवान शंकर के मंदिरों में जलाभिषेक नहीं कर पाएंगे। पुलिस की सख्ती मंदिरों में रहेगी। हालांकि सोमवार तक लॉकडाउन समाप्त हो जाएगा, लेकिन पुलिस की सख्ती उसके बावजूद भी रहेगा। सोमवार को मंदिरों में पूजा पाठ में छूट देने की तैयारियां चल रही है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिल सका है। रविवार और सोमवार को गंगा स्नान पूरी तरह बंद रहेगा। स्थानीय लोगों भी गंगा स्नान नहीं करने दिया जाएगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी भी पुलिस ने की हुई है। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि मंदिरों में पुजारियों के अलावा किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। गंगा स्नान पर ही पूरी तरह रोक लगाई गई है। दो दिन का था मुहूर्त जलाभिषेक का मुहूर्त दो दिन का था। पंडित प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार रविवार की शाम से शुरू होकर सोमवार की दोपहर तक जलाभिषेक का मुहूर्त रहेगा। रविवार को चौदस है, जबकि सोमवार को अमावस्या लग जाएगी। आज 80 लाख से अधिक की होती वापसीजहां इस समय हरिद्वार में बाहर का कोई भी व्यक्ति नहीं है, यदि कोरोना महामारी न आती तो इस वक्त हरिद्वार में करीब 80 लाख से अधिक लोग मौजूद होते। यह लोग सावन के अंतिम दिन ही हरिद्वार से वापसी करते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!