मॉनसून की विदाई से पहले एक और सक्रिय दौर के आसार, मध्य और पूर्वी भारत में बढ़ेगी बारिश

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-छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना; उत्तर भारत में मौसम रहेगा मुख्यत: शुष्क
नई दिल्ली, देश से मॉनसून की धीरे-धीरे विदाई शुरू होने से पहले एक बार फिर बारिश का सक्रिय दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून के स्वरूप में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जबकि उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम मुख्यत: शुष्क रह सकता है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मॉनसून की पूरी तरह वापसी से पहले इसका एक आखिरी सक्रिय दौर देखने को मिल सकता है।
छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम के अधिक सक्रिय होने की वजह नमी वाली पूर्वी हवाओं का उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंचना बताया जा रहा है।
इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान, पूर्वी गुजरात और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य भारत से जुड़े क्षेत्रों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। इससे इन इलाकों में जारी शुष्क मौसम से कुछ समय के लिए राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, देशभर में बारिश का स्वरूप एक जैसा रहने की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब और हरियाणा के बड़े हिस्सों में मौसम सामान्यत: शुष्क रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बड़ी बारिश की गतिविधि होने के आसार कम हैं। इससे संकेत मिलता है कि उत्तर-पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में मॉनसून कमजोर पड़ने लगा है।
दिल्ली-एनसीआर में भी मध्य और पूर्वी भारत की तुलना में बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव से कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बिहार के लिए बुधवार को 25 जिलों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर और जमुई में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नारंगी चेतावनी जारी की गई है।
वहीं, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, पटना, नालंदा, नवादा, गया, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण समेत अन्य जिलों के लिए पीली चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और तेज बारिश या आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मध्य और पूर्वी भारत के कई इलाकों में मौसम के सक्रिय रहने की संभावना है। यहां रुक-रुककर बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी होने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में यह क्षेत्र मॉनसून की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में हाल के दिनों में बारिश कम हुई है, वहां लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिलने की उम्मीद है।
तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में भी बारिश के साथ आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम की यह स्थिति कुछ समय तक बनी रह सकती है। तेज हवाओं और समुद्र में हलचल की आशंका को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्हें मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और जोखिम वाले समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा गया है।
मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, देश के कई हिस्सों में जारी बारिश का दौर इस साल के मॉनसून सत्र के आखिरी महत्वपूर्ण सक्रिय दौरों में से एक हो सकता है। उनके मुताबिक, जैसे-जैसे यह गतिविधि कमजोर होगी, मॉनसून के धीरे-धीरे देश से वापस लौटने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

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