मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली देवराड़ा मंदिर में विराजमान

Spread the love

थराली। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मां नंदा राजराजेश्वरी की कैलाश यात्रा शुक्रवार को संपन्न हो गई। देवी की डोली छह माह के प्रवास के लिए सिद्धपीठ देवराड़ा मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान की गई। यह यात्रा 21 पड़ावों के बाद पूरी हुई।
शुक्रवार सुबह देवी की डोली अपने अंतिम पड़ाव ढूंगाखोली से भेंटा गांव पहुंची। दोपहर में भोज के बाद शाम पांच बजे डोली बाजे-भंकोरों के साथ देवराड़ा मंदिर पहुंची। विधि-विधान और पूजा-पाठ के साथ देवी के पश्वा अवतरित हुए। इसके बाद मां की मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया गया। इस दौरान बीस से अधिक गांवों के सैकड़ों भक्तों ने मां के जयकारे लगाए। ध्याणियों ने देवी गीत गाए जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। कई ध्याणियां देवी की डोली से लिपटकर भावुक हो गईं। मां नंदा की कैलाश यात्रा 5 सितंबर को कुरुड़ से शुरू हुई थी। यह यात्रा कुल 21 पड़ावों से होकर गुजरी। मंदिर के पुजारी पारेश्वर देवराड़ी और गौड़ पुजारियों ने मंत्रोच्चार के साथ डोली को मंदिर में विराजमान किया। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवन हटवाल और नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत उपस्थित थे। इनके साथ विनोद रावत, सुशील रावत, अब्बल सिंह, रणजीत सिंह, लाल सिंह, पुष्पा देवी, महेशी देवी और लक्ष्मी देवी आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *