जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रिखणीखाल क्षेत्र में लगातार सामने आ रही वन्यजीव हमलों की घटनाओं के विरोध में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर जनसुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस दौरान यूकेडी नेता मुकेश बिष्ट के नेतृत्व में नैनीडांडा ब्लॉक के ग्राम ढंगलगांव से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत भी की गई।

हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत ढंगलगांव से की गई, जहां कुछ दिन पूर्व भालू के हमले में ग्रामीण मंजू देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीवों के बढ़ते हमलों और दूरस्थ पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूकेडी ने इसी घटना को केंद्र में रखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाने की पहल की है। अभियान के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। जंगली जानवरों के हमलों से ग्रामीणों की जान पर खतरा बना हुआ है, वहीं समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था बेहतर बनाने और वन्यजीवों के हमलों से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। यूकेडी नेता मुकेश बिष्ट के नेतृत्व में शुरू किए गए हस्ताक्षर अभियान के तहत ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों से समर्थन जुटाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए जनता की आवाज शासन के उच्च स्तर तक पहुंचाई जाएगी। यूकेडी ने स्पष्ट किया कि पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो पार्टी व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। यूकेडी कार्यकर्ताओं ने कहा कि पहाड़ के ग्रामीण लंबे समय से वन्यजीवों के हमलों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में केवल आश्वासन देने के बजाय धरातल पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है। पार्टी ने शासन-प्रशासन से मांग की कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जाए। यूकेडी ने चेतावनी दी कि मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित के इन मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा।