महिला एवं बाल विकास निदेशक को तत्काल हटाने की मांग की

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। उत्तराखण्ड फैडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन जनपद शाखा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर महिला एवं बाल विकास के निदेशक को तत्काल हटाकर विभाग में नये निदेशक की नियुक्त करने की मांग की है।
एसोसिएशन के मंडलीय अध्यक्ष सीताराम पोखरियाल ने बताया कि शासन द्वारा कोविड-19 को देखते हुये वर्तमान स्थानान्तरण सत्र शून्य घोषित किया गया है। इसके बाबजूद भी निदेशक द्वारा मिड सेशन में कुछ कर्मचारियों को निदेशालय से अन्यत्र स्थानान्तरण कर दिया गया है, जबकि कर्मचारियों का वेतन निदेशालय से आहरित किया जा रहा है। प्रदेश में जब सम्बद्धीकरण की व्यवस्था समाप्त कर दी गयी है तो बाल विकास विभाग में सम्बद्धीकरण किस नियम के तहत हो रहे है। जब कर्मचारियों द्वारा उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई गयी तो निदेशक द्वारा पूर्वागृह से ग्रस्त होकर बाल विकास के एक लिपिक द्वारा मात्र दो घंटे देर से लिफाफा उपलब्ध कराये जाने पर उसे निलम्बित किया गया। ऐसी स्थिति में महिला बाल विकास के कर्मचारी मानसिक तनाव में है और कर्मचारियों का मनोबल गिरना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में कर्मचारी विरोधी नीति अपनाई जा रही है। एसोसिशन के मंडलीय अध्यक्ष सीताराम पोखरियाल, जिला अध्यक्ष रेवतीनंदन डंगवाल, जिला महामंत्री संजय नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविन्द्र ंिसंह रावत, उपाध्यक्ष कुलदीप राणा, उपाध्यक्ष महिला कविता शाह, संरक्षक जसपाल रावत ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस प्रकरण पर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। ताकि कर्मचारियों का मनोबल बना रहे। यदि जल्द सेवानिवृत्त/निलम्बन कर्मचारियों के आदेश वापस नहीं लिये जाते है एवं कोविड-19 में हुये स्थानान्तरण एवं सम्बद्धीकरण को समाप्त नहीं किया जाता है तो प्रदेश में बाल विकास विभाग के कर्मचारियों का निदेशक द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न के विरोध में प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाया जायेगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं विभागाध्यक्ष की होगी।

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