थलीसैंण महाविद्यालय में 21 दिवसीय योग कार्यक्रम शुरू
जयन्त प्रतिनिधि।
थलीसैंण : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय थलीसैंण में आईक्यूएसी, नमामि गंगे, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 21 दिवसीय योग कार्यक्रम शुरू हो गया है। इस मौके पर योग गुरु आकाश शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सफल जीवन की नींव है, इसलिए अपनी दिनचर्या में योग साधना को अवश्य शामिल करें, जिससे हम सुखदायी जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि योग हमारे जीवन का विशेष अंग बन जाए हम ऐसा संकल्प ले।
यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र चन्द्र सिंह के कुशल निर्देशन व मार्गदर्शन में संपादित किया जा रहा है। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वास्थ्य, ज्ञान एवं विश्व शांति के लिए योग कार्यक्रम के प्रथम दिन मुख्य प्रशिक्षक एवं महाविद्यालय के योग गुरु आकाश शर्मा ने उपस्थित सभी प्रशिक्षणार्थियों व प्राध्यापकों को योग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। इससे न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि हमारी इंद्रियों और विचारों पर भी सकारात्मक नियंत्रण स्थापित होता है। व्याख्यान के उपरांत उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को प्रारंभिक योगाभ्यास का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी कराया। इस मौके पर नमामि गंगे नोडल अधिकारी डॉ. विवेक रावत, डॉ. छाया सिंह, डॉ. नीरज असवाल, डॉ. विकास प्रताप सिंह, डॉ. जूली, डॉ. धर्मेंन्द्र सिंह, चन्दन सिंह जीना सहित प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।