पुरोला। रामा और कमल सिरांई पट्टी के 22 गांवों के आराध्य देव मटिया महासु ओडारू और जखंडी महाराज की पवित्र देव डोलियां मंगलवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों, ढोल-नगाड़ों और देव जयकारों के बीच चार दिवसीय यमुनोत्री-गंगोत्री यात्रा के लिए रवाना हुईं। देव डोलियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा का शुभारंभ कुमोला तोक स्थित पुजेली के मूल देवथान में मटिया महासु और काली माता की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। पूजा के बाद श्रद्धालु देव डोलियों के साथ प्रथम धाम यमुनोत्री के लिए रवाना हुए। मार्ग में विभिन्न गांवों और बाजारों में देव डोलियों का श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और देव जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। यात्रा में स्याणे, वजीर तथा दोनों पट्टियों के 22 गांवों के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली, अच्छी फसल और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा की कामना करते हुए देव आशीर्वाद लिया। देवता के पुजारी जगमोहन नौडियाल और राजाराम नौडियाल ने बताया कि पहले चरण में श्रद्धालु गंगनानी कुंड में पवित्र स्नान करेंगे और जानकीचट्टी में रात्रि विश्राम करेंगे। दूसरे दिन यमुनोत्री धाम में मां यमुना के दर्शन व पूजा-अर्चना के बाद यात्रा गंगोत्री के लिए रवाना होगी। तीसरे दिन गंगोत्री धाम में मां गंगा के दर्शन, स्नान और पूजा-अर्चना होगी। यात्रा में यात्रा में पंडित राजाराम नौडियाल, ओमप्रकाश नौडियाल, जगमोहन नौडियाल, ममलेश, प्रदीप, देव माली, पुजारी शामिल हैं।