नई दिल्ली,। मेघालय सरकार ने राज्य के हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को बरकरार रखा गया है. सोनम रघुवंशी 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस एमएम सुंदरेश की अगुवाई वाली बेंच के सामने राज्य सरकार की तरफ से फाइल की गई पिटीशन का जिक्र किया. सॉलिसिटर मेहता ने बेंच से मामले को अर्जेंट लिस्ट करने की रिक्वेस्ट की और जोर दिया कि आरोपी के फरार होने का चांस है.
सॉलिसिटर मेहता ने बेंच के सामने दलील दी कि जमानत सिर्फ इस आधार पर दी गई थी कि गिरफ्तारी के समय उन्हें गिरफ़्तारी के आधार पूरी तरह से नहीं बताए गए थे. सॉलिसिटर मेहता ने दलील दी कि जानकारी न देना एक ऐसे नियम से जुड़ा था जिसे टाइपिंग की गलती की वजह से गलत बताया गया था. छोटी दलीलें सुनने के बाद, बेंच मामले को शुक्रवार को लिस्ट करने पर राजी हो गई.
इस हफ़्ते की शुरुआत में हाई कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को जमानत देने के शिलांग कोर्ट के आदेश को सही ठहराया था. हाई कोर्ट ने जमानत को चुनौती देने वाली राज्य की अपील खारिज कर दी. जस्टिस डब्ल्यू डिएंगदोह की सिंगल बेंच ने शिलॉन्ग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) के अप्रैल 2026 के ऑर्डर के खिलाफ राज्य की अपील खारिज कर दी.
ट्रायल कोर्ट ने प्रोसेस के आधार पर सोनम को जमानत दी. ट्रायल कोर्ट ने यह मानते हुए जमानत दी कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के आधार ठीक से नहीं बता पाई, जिससे उसके डिफेंस को नुकसान हुआ. कोर्ट ने अभियोजन की इस दलील पर विचार करने से मना कर दिया कि यह अंतर सिर्फ एक क्लर्क या टाइपिंग की गलती थी.
यह मामला इंदौर के बिजनेसमैन राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है. वह मई 2025 में अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून के लिए मेघालय गए थे. 23 मई को नोंग्रियाट में एक होमस्टे से चेक आउट करने के बाद कपल गायब हो गया. राजा की बॉडी बाद में सोहरा में वीसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से मिली, जबकि सोनम कुछ दिनों बाद उत्तर प्रदेश में मिली.