चोपता। तल्ला नागपुर क्षेत्र की लंबित चार सूत्री मांगों के लिए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। क्षेत्र के विकास को लेकर शासन-प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज ग्रामीणों को मनाने के लिए केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल भी पहुंचीं। उन्होंने एक माह का समय मांगा लेकिन ग्रामीण नहीं माने। जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि तल्ला नागपुर को अब तक केवल झूठे आश्वासन देकर छला गया है। इसलिए जब तक धरातल पर काम शुरू नहीं होता तब तक 22 जुलाई से प्रस्तावित क्षेत्रीय आंदोलन को किसी भी हाल में स्थगित नहीं किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में पॉलिटेक्निक भवन निर्माण, पेयजल व पार्किंग निर्माण आदि की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में गत माह स्थानीय लोगों की बैठक हुई थी जिसमें प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया था। इसी सिलसिले में केदारनाथ विधायक ने चोपता में जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ वार्ता की। इस दौरान अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर लोगों ने आक्रोश जताया। माहौल बिगड़ता देख विधायक ने जनता से शासन स्तर पर पैरवी के लिए एक महीने का वक्त मांगा और अधिकारियों को इस अवधि में हर हाल में कार्य शुरू करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जनता से 22 जुलाई से प्रस्तावित आंदोलन को टालने की अपील की मगर जनप्रतिनिधि आंदोलन पर अड़े रहे। जिला पंचायत सदस्य संपन्न नेगी ने कहा कि क्षेत्र की जनता अब किसी खोखले आश्वासन के झांसे में नहीं आएगी। इस दौरान प्रधान दलेब सिंह सजवाण, साधना देवी, उत्तम रावत, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण बत्र्वाल, गजेंद्र सिंह करासी, चंदन लाल शाह, अवतार सिंह रावत, लक्ष्मण राणा, राकेश चंद्र, योगंबर कुनियाल और भाजपा मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।