उत्तराखंड

विधायक महर ने कहा 7 दिन में मंदिर का रास्ता नहीं खोला तो जन-बल के साथ करेंगे प्रवेश

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पिथौरागढ़। सेरादेवल मंदिर तक आवाजाही के पंरपरागत रास्ते पर सेना की तरफ से रोक लगाए जाने से भड़के लोगों के साथ विधायक मयूख महर ने यहां धरना दिया। इस दौरान उन्होंने सभा में ऐलान किया कि सात दिन में रास्ता नहीं खोला गया तो सोमवार को वे जन बल के साथ वे इस रास्ते को जबरन खोल देंगे। कहा कि प्रशासन से रास्ता खोलने की कई बार मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी बंद रास्ते नहीं खोलने से जनता आंदोलन के लिए विवश हुई है। सोमवार को धरने के दूसरे दिन मौके पर पहुंचे विधायक ने धरना दिया और लोगों को संबोधित किया। कहा कि उन्हें बताया गया है कि एक घंटे के लिए यह रास्ता खोला जाएगा। इतने कम समय में मंदिर तक पैदल जाना आना ही संभव नहीं है। लोग वहां परंपरागत तरीके से अपने अराध्य देव की पूजा अर्चना करते हैं। शिवरात्रि का पर्व आने वाला है। मंदिर में रंग रोगन के साथ कई काम किए जाने हैं। कहा कि कैदियों की तरह पहरे में आवाजाही बर्दाश्त नहीं होगी। पूर्व की तरह बेरोकटोक लोगों को मंदिर में आने जाने की अनुमति नहीं मिली तो परिणाम गंभीर होंगे। जाग उठा पहाड़ के प्रदेश संयोजक गोविंद सिंह महर ने कहा कि सेना प्रशासन यहां के गांवों के लोगों के परंपरागत रास्ते बंद कर टकराव को जन्म दे रहा है। सेरादेव मंदिर के साथ ही देवकटिया मंदिर, भगवती मंदिर के बंद रास्ते भी उन्होंने खोलने की मांग की। मंदिर के पुजारी चंद्रशेखर भट्ट ने कहा कि सेना लोगों की आस्था के मार्ग पर बाधा डाल रही है। यह गंभीर है। कई अन्य वक्ताओं ने भी लंबी मांग के बाद भी रास्ता नहीं खोले जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान पूर्व प्रधान कासनी सुरेश कसनियाल, पूर्व प्रधान कुसौली रघुवीर सिंह बिष्ट, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर सिंह महर, पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों के साथ कई महिलाएं और अन्य लोग शामिल रहे
शिवरात्रि पर लगता है विशाल मेला
पिथौरागढ़(आरएनएस)। सेरादेवल मंदिर में सोर के लोगों की गहरी आस्था है। इस मंदिर में प्राचीन काल से ही शिवरात्रि के दिन विशाल मेला लगता है। इसमें पूरे सोर के लोग शामिल होते हैं। मंदिर में पूरे दिन पूजा अर्चना चलती है। ऐसे में सेना ने मंदिर तक आवाजाही का रास्ता नहीं खोला तो तनाव गहराना निश्चित है।

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