उत्तरकाशी। डिजिटल इंडिया के दौर में विकासखंड डुंडा विकासखंड का सिंगोट गांव और आसपास के कई गांव पिछले तीन-चार वर्षों से मोबाइल नेटवर्क के अभाव में संचार व्यवस्था से कटे हैं। हालत यह है कि गांव में लगे बीएसएनएल टावर से भी नेटवर्क नहीं मिल रहा जबकि अन्य निजी मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क भी पूरी तरह बंद पड़े हैं।
करीब 600 मतदाताओं की आबादी वाले सिंगोट गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से लोग कॉल करने के लिए ऊंची पहाड़ियों और खुले स्थानों का सहारा लेने को मजबूर हैं। कई बार घंटों कोशिश के बाद भी फोन नहीं लग पाता। इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप होने से ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग, सरकारी सेवाएं, डिजिटल भुगतान और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण धर्मेंद्र सिंह रावत, शालेंद्र पंवार और इलम सिंह कैंतुरा ने बताया कि सिंगोट के साथ पाब, मांगलीसेरा और आसपास के अन्य गांव भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कभी राड़ी टॉप स्थित टावर का हल्का सिग्नल मिलने पर एक-दो कॉल हो जाती है लेकिन यह सुविधा भी कभी-कभी ही मिलती है।