चमोली। चारधाम यात्रा की तैयारियों और आपदा से निपटने के लिए की गई तैयारियों को परखने के लिए चमोली जिले में शुक्रवार को वृहद स्तर पर मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल में कमेड़ा से लेकर बदरीनाथ तक अलग-अलग टीमों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान बर्फबारी से हाईवे बंद होने पर फंसे यात्रियों को निकाला गया।
चमोली जिले में बदरीनाथ मंदिर परिसर, बदरीनाथ पुल, बदरीनाथ-गोविंदघाट के मध्य, गोविंदघाट-ज्योतिर्मठ के मध्य, जीएमवीएन ज्योतिर्मठ, कमेड़ा में मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान भूकंप, बर्फबारी, भारी बारिश, आग, सड़क बंद और बस दुर्घटना की स्थिति से निपटने का अभ्यास किया। इस दौरान बदरीनाथ में दो मकानों के क्षतिग्रस्त होने से दो घायलों को सुरक्षित निकालने, पुल पर रेलिंग क्षतिग्रस्त होने पर दो घायलों को हेली एंबुलेंस से हायर सेंटर भेजने, बदरीनाथ-गोविंदघाट के बीच बर्फबारी से हाईवे बंद होने पर फंसे यात्रियों को राहत सामग्री बांटने, उन्हें निकालने, टैय्या पुल पर मलबे में दबे लोगों का रेस्क्यू सहित अन्य घटनाओं में राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया। जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी आपदा प्रबंधन कार्यालय में बनाए कंट्रोल रूम से पूरे अभ्यास कार्यक्रम की मॉनीटरिंग करते रहे। इस दौरान एडीएम विवेक प्रकाश, आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी, कंट्रोल रूम में मौजूद रहे। मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन के साथ अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।