जयन्त प्रतिनिधि।
लैंसडौन : लैंसडौन छावनी में इन दिनों बंदरों का उत्पात तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है।

शहरवासियों का कहना है कि उनके शहर में कई महीनों से काफी बंदर है। बंदर आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। लोगों का घर की छत पर व गलियों में जाना मुश्किल हो रहा है। बंदर घरों में घुसकर उत्पाद मचा रहे हैं। इतना ही नहीं छत पर सूख रहे कपड़ों को आए दिन फाड़ते हैं। घरों में रखे खाद्य पदार्थों को उठा कर ले जा रहे हैं। बंदरों के इस उत्पात से लोगों को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। आशा रावत, राजेंद्र सिंह बिष्ट, गंभीर सिंह रावत ने कहा किबंदर सारे दिन बिजली के खंभे में तारों को इधर-उधर खींचते हैं। जिस कारण विद्युत उपभोक्ताओं के कई प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फूंक रहे हैं। बंदरों को घर से खाना खिलाने वालों की कई बार छावनी प्रशासन में शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे छावनी की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि बंदरों की टोली आए दिन किसी न किसी पर हमला कर रही है। अगर इस ओर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो जाने कितने लोग और इनके शिकार होंगे। उन्होंने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए प्रशासन को जल्द से जल्द पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है। जगह-जगह जाल बिछाकर इन्हें पकड़कर दूर ले जाया जाए। ताकि लोग राहत महसूस कर सके। छावनी परिषद का कहना है कि जो लोग छावनी के अंदर बंदरों को खाना खिला रहे हैं उन पर छावनी प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा।