देशभर में मानसून का कहर: 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं, बिजली गिरने और भूस्खलन की चेतावनी

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नई दिल्ली ,। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। अधिकांश राज्यों में लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिससे कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बार फिर देश के 22 राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। तेज तूफान के कारण बड़े पेड़ों के गिरने और यातायात बाधित होने की आशंका भी जताई गई है।
आईएमडी ने नदी और समुद्र तटीय क्षेत्रों में रहने वाले मछुआरों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। वहीं, पर्वतीय राज्यों में रहने वाले लोगों और सप्ताहांत में पहाड़ों की यात्रा की योजना बना रहे पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया है। विभाग के अनुसार लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, निचले इलाकों में जलभराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। किसानों की खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहने और हल्की वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वर्षा के कारण लोगों को उमस से राहत मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ सहित कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा समेत अनेक जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 5 से 7 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 अगस्त तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 7 अगस्त को कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है।
बिहार में भी 5 और 6 अगस्त के दौरान अधिकांश जिलों में व्यापक वर्षा का अनुमान जताया गया है।
उत्तराखंड में 5 से 10 अगस्त तक व्यापक स्तर पर वर्षा होने की संभावना है। 5 अगस्त को देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत तथा ऊधमसिंह नगर में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। इसके बाद 6 से 10 अगस्त तक भी इन जिलों में भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में 5 से 10 अगस्त तक अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, किन्नौर तथा लाहौल-स्पीति जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
राजस्थान में 5 अगस्त को पूर्वी राजस्थान तथा 7 से 9 अगस्त के दौरान पश्चिमी राजस्थान में वर्षा होने की संभावना है। 6 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है। वहीं 7 और 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में अत्यधिक भारी वर्षा तथा 7 से 9 अगस्त तक पश्चिमी राजस्थान में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा सहित कुल 22 राज्यों एवं क्षेत्रों में भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। कई स्थानों पर बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना भी व्यक्त की गई है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा केवल आवश्यक होने पर ही करें। मछुआरे समुद्र और नदियों में जाने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसान मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। देशभर में सक्रिय मानसून को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेष रूप से पर्वतीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

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