यमकेश्वर। कांवड़ यात्रा के लिए नीलकंठ मंदिर परिसर और पैदल मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। मंदिर समिति के 30 सीसीटीवी कैमरों के अतिरिक्त पुलिस ने 17 कैमरे लगाए हैं। यात्रा के दौरान भौन वाला रास्ता बंद रहेगा और जेबकतरों पर भी नजर रखी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि पुंडरासू पैदल मार्ग पर नौ और मंदिर परिसर में पांच सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पीपलकोटी से नीलकंठ मार्ग और पैदल मार्ग पर कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। कांवड़ यात्रा के दौरान ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जेबकतरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यात्रियों के मार्ग भटकने और हाथी प्रभावित होने की घटनाओं को देखते हुए भौन-आमपाणी-बैराज पैदल मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा। नीलकंठ से पुंडरासू पैदल मार्ग पर कुछ स्थानों पर लोनिवि बैरिकेडिंग लगाएगा।
दोपहिया वाहनों के लिए सात
पार्किंग बनाई गई
कांवड़ यात्रियों के दोपहिया वाहनों के लिए कुल सात पार्किंग बनाई गई हैं। तलाईं गांव और भुवनेश्वरी माता मंदिर के पास प्रत्येक में 2000 दोपहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता है। निजी पार्किंग में 2000, लोनिवि की दो पार्किंग में 1000 और जिला पंचायत पार्किंग में 500 वाहन पार्क होंगे। ग्राम पंचायत जुड्डा की पार्किंग में भी 500 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे।
मंदिर गेट के पास रखी निर्माण
सामग्री हटाने के निर्देश
कांवड़ियों को खैरखाल से तलाईं पार्किंग पहुंचकर डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर जाना होगा। सभी पार्किंग भरने पर और पीपलकोटी-नीलकंठ मोटर मार्ग पर भीड़ बढ़ने पर वाहनों को दिउली इंटर कॉलेज मैदान भेजा जाएगा। वहां से कांवड़िए खरगोसा गांव होते हुए पार्वती माता मंदिर मार्ग से नीलकंठ की ओर जाएंगे। लोनिवि दुगड्डा ने जिला पंचायत पार्किंग से नीलकंठ मंदिर गेट तक सड़क किनारे पड़े मलबे को हटाना शुरू कर दिया है। मंदिर गेट के पास रखी निर्माण सामग्री को भी शीघ्र हटाने के निर्देश दिए गए हैं।