जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) की ओर से अब प्रदेश में बागवानी से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्टों को नए प्राविधानों के तहत शुरू किया जा सकेगा। एनएचबी ने उत्तराखंड को मैदानी राज्यों से पृथक कर नए प्राविधान तैयार किए हैं।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के निदेशक वीरेंद्र जुयाल ने पौड़ी में पत्रकार वार्ता कर बोर्ड की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारियां दीं। कहा कि बीते दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें उत्तराखंड में बागवानी की संभावनाओं और चुनौतियों से निपटने के लिए प्रदेश का पक्ष रखा। जुयाल ने बताया कि अभी तक एनएचबी की ओर से प्रदेश को मैदानी राज्यों के साथ योजनाओं में शामिल किया जाता था जिससे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में बागवानी किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। जुयाल के प्रस्ताव पर बोर्ड ने राज्य के लिए अलग से योजना तैयार की है। नए बदलावों में अब एक हेक्टेयर जमीन पर भी बड़े प्रोजेक्टों पर एनएचबी से अनुदान आदि कार्य किए जा सकेंगे।