देहरादून। किमाड़ी से मसूरी के बीच प्रस्तावित फोरलेन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के विरोध में पर्यावरण बचाओ आंदोलन के तहत स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन किया। चेताया कि सड़क के पेड़ों को नहीं कटने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस परियोजना के लिए क्षेत्र के करीब 700 पुराने और हरे-भरे पेड़ों को काटने के लिए चिन्हित किया गया है, जिसका पर्यावरणविद और स्थानीय लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं। पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस प्रदर्शन में नागरिकों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक तरफ अधिकारी विकास के नाम पर हजारों पेड़ों की कुर्बानी दे रहे हैं और दूसरी तरफ पर्यावरण दिवस पर नए पौधे लगाने का नाटक करते हैं।
सीएफजीडी के सदस्यों ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय लोगों से बातचीत की। आंदोलन से जुड़े विजय भट्ट और डाकरा के स्थानीय निवासियों ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बताया कि इस सड़क के रास्ते में शहर की आखिरी बची ‘हेरिटेज घराट’ भी आ रहा है। यह घराट बिना बिजली और बिना किसी प्रदूषण के सिर्फ पानी की गतिज ऊर्जा से चलती है, जो हमारी सांस्कृतिक और पारिस्थितिक विरासत का अनमोल हिस्सा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि बढ़ते तापमान, सूखती नदियों और लैंडस्लाइड जैसी आपदाओं के बीच देहरादून की हरियाली पर यह हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।