उत्तराखंड

प्रधानाचार्य के पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया का विरोध

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रुद्रप्रयाग। राजकीय शिक्षक संघ ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में विभाग द्वारा प्रस्तावित प्रधानाचार्य के पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया का विरोध किया है। कहा शासन और विभाग द्वारा उत्तराखंड प्रधानाचार्य सेवानियमावली को दरकिनार कर सीधी भर्ती के माध्यम से प्रधानाचार्य के पदों को भरने की योजना बनाई जा रही है। जिसका संघ पुरजोर विरोध करता है। राजकीय शिक्षक संघ टिहरी के जिलाध्यक्ष दिलबर सिंह रावत ने कहा कि प्रधानाचार्य का पद शत प्रतिशत पदोन्नति का पद है। जिस पर एलटी व प्रवक्ता के क्रमश: 55 प्रतिशत व 45 प्रतिशत विभागीय पदोन्नति के माध्यम से हाईस्कूल प्रधानाध्यापक से शिक्षकों को अवसर प्रदान किए जाते हैं। लेकिन विभाग द्वारा समयानुसार रिक्त पदों पर पदोन्नतियां न करने के कारण रिक्त पदों का हवाला देकर सीधी भर्ती का प्रयास किया जा रहा है। जो कि शिक्षकों के पदोन्नतियों के अधिकार पर कुठाराघात है। जिसका राजकीय शिक्षक संघ विरोध करता है। कहा कि जब प्रधानाचार्य पद पर एलटी शिक्षकों और प्रवक्ता शिक्षकों को पदोन्नति के माध्यम से समान अवसर हैं तो सीधी भर्ती में केवल प्रवक्ताओं को ही अवसर मिलना एलटी के शिक्षकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। कहा कि प्रधानाचार्य के पदों को भरने के लिए विभाग को पदोन्नति कोटे के अनुसार एलटी व प्रवक्ता को अवसर प्रदान करना चाहिए था और भविष्य में रिक्त पदों से बचने के लिए अभी से रिक्त पदों के सापेक्ष हर वर्ष शिक्षकों की पदोन्नति करनी होगी।

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