आशाओं ने सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। आशा कार्यकत्रियों ने आशाओं की 12 सूत्रीय मांगोें को लेकर तहसील परिसर में बुधवार को 59वें दिन भी राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन जारी रखा।
संगठन की अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आशाओं के साथ भेदभाव कर रही है। आशायें दो माह से मांगों को लेकर अांदोलन पर है, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें गुजारे के लिए भी सही से वेतन नहीं दिया जा रहा है, जबकि वे अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों की तरह जिदंगी दांव पर लगाकर लगातार काम कर रही हैं। प्रभा चौधरी ने सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम 21 हजार रुपये का मानदेय देने, जब तक मानदेय और कर्मचारियों का दर्जा मिलने तक अन्य विभागों से योजनाओं में लगे कार्मिकों की तरह मानदेय देने, सेवानिवृत्त होने पर पेंशन की सुविधा देने, कोविड कार्यों में लगी आशा कार्यकत्रियों को दस हजार रुपये मासिक भत्ता, सहित 12 सूत्रीय मांगें पूरी करने की मांग प्रदेश सरकार से की। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष प्रभा चौधरी, उपाध्यक्ष मीरा नेगी, सचिव रंजना कोटनाला, सुमित्रा भट्ट, सुनीता रावत, कलावती देवी, कविता नेगी, प्रीति, दीपा गुंसाई, मंजू नेगी, राखी, कल्पना काला, कुसुम रावत, नीलम नेगी, हेमा, हेमलता, गोदांबरी, रेनू, चंद्रकला, ज्योति आदि शामिल थे।

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