पौड़ी में कोरोना संदिग्ध शख्स की मौत, उत्तराखंड में कोरोना के 52 नए मामले

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जयन्त प्रतिनिधि
संवाददाता, देहरादून। कोरोना संक्रमण के लिहाज से उत्तराखंड में दिन-ब-दिन स्थिति बिगड़ रही है। पखवाड़े भर से हर दिन मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को सूबे में कोरोना के 52 नए मामले आए। प्रदेश में अब तक कोरोना के 961 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 222 स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना संक्रमित छह मरीजों की मौत भी हो चुकी है, जबकि तीन मरीज राज्य से बाहर जा चुके हैं। वहीं, पौड़ी जिला चिकित्सालय में आइसोलेट कोरोना संदिग्ध की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मरीज दिल्ली से लौटा था और 27 मई से आइसोलेशन में था।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को एम्स से डिस्चार्ज कर दिया है। उन्हें होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। बताया गया कि यह सभी सदस्य एसिम्टमैटिक (जिस व्यक्ति में रोग के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हों) थे। लिहाजा केंद्र सरकार की गाइड लाइन के आधार पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
चंपावत में पिता-पुत्र समेत छह कोरोना संक्रमित
चंपावत जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। सोमवार को आई 31 सैंपलों की रिपोर्ट में पिता-पुत्र समेत छह लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं और 25 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। छह और लोगों के संक्रमित होने के बाद जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या 33 हो गई है। वहीं, एक्टिव केस 26 हैं। पिथौरागढ़ से भेजे गए 97 सैंपलों की सोमवार को हुई जांच में चार प्रवासी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिसमें 93 नेगेटिव मिले। अभी 253 सैंपलों की जांच होनी है। वहीं, पॉजिटिव पाए गए चारों लोग जयपुर, पुणे, मुम्बई और दिल्ली से विगत नौ दिनों के बीच पिथौरागढ़ पहुंचे थे, जिसमें तीन संस्थागत क्वारंटाइन में और एक नगर के एक होटल में पेड क्वारंटाइन में है। स्वास्थ्य विभाग इनके संपर्क में आए लोगो का पता लगा रहा है।
पत्नी के बाद उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, उनके परिवार व स्टाफ के 22 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें महाराज, उनका एक बेटा, दोनों बहुएं व चार साल के पोते के अलावा स्टाफ के 17 लोग शामिल हैं। बड़े बेटे की दोबारा से कोरोना जांच कराई जाएगी। महाराज व उनके परिवार के सदस्यों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। महाराज के स्टाफ के 18 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
कैबिनेट मंत्री महाराज की पत्नी एवं पूर्व मंत्री अमृता रावत की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट एक रोज पहले पॉजिटिव आई थी। उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। इसके बाद महाराज के परिवार की ओर से संपर्क में आए स्वजनों समेत स्टाफ के 41 लोगों की सूची स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई। इन सभी की रविवार को देहरादून की निजी लैब में कोरोना जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट शाम को मिली। वहीं, प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 924हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कैबिनेट मंत्री महाराज, उनके छोटे पुत्र, दोनों बहुओं व पोते को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा जिन अन्य 17 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, उन्हें दून अस्पताल में भर्ती किया गया है। महाराज के बड़े पुत्र की रिपोर्ट में कुछ संशय है, लिहाजा, उनकी सोमवार को दोबारा जांच कराई जाएगी। जिन 18 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, उन्हें भी क्वारंटाइन किया गया है।
कैबिनेट मंत्री महाराज में कोरोना संक्रमण की पुष्टि से सत्ता के गलियारों में भी खासी हलचल है। असल में सभी नजरें उनकी रिपोर्ट पर टिकी थीं। रिपोर्ट आने के बाद सरकार, शासन से लेकर जिला प्रशासन तक बेचैनी साफ देखी गई। यही नही, इस मामले की आंच न केवल राजधानी बल्कि महाराज के विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल तक भी जा रही है। दरअसल, महाराज हाल में अपने विस क्षेत्र चौबट्टाखाल गए थे और वहां समर्थकों व कार्यकर्ताओं से भी मिले। साथ ही महाराज भी कई कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे थे। उधर, जिला प्रशासन महाराज और उनके परिवार के संपर्क में आए लोगों की खंगालने में जुट गया है।
सीएम और तीन मंत्री सेल्फ क्वारंटाइन
आखिर एक चूक सरकार पर भारी पड़ गई। कोरोना पॉजिटिव पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बीते शुक्रवार कैबिनेट में शामिल होने की वजह से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीन मंत्री मदन कौशिक, हरक सिंह रावत व सुबोध उनियाल सेल्फ क्वारंटाइन रहेंगे। अलबत्ता कैबिनेट बैठक में शामिल रहे अधिकारी काबीना मंत्री सतपाल महाराज के क्लोज कॉन्टेक्ट में नहीं होने की वजह से कम रिस्क में हैं। वे सामान्य रूप से कामकाज कर सकेंगे।
इस मामले में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री व मंत्रियों के होम क्वारंटाइन करने की बात कही, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद सरकार ने अपना स्टैंड बदल दिया। पूरे देश में संभवत: यह पहला मामला होगा, जब मुख्यमंत्री और तीन मंत्रियों को इसतरह सेल्फ क्वारंटाइन और एक मंत्री को पूरे परिवार समेत कोरोना पॉजीटिव होकर अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।
काबीना मंत्री सतपाल महाराज का कोरोना पॉजिटिव निकलना पूरी सरकार के लिए मुसीबत का सबब बन गया। महाराज की पत्नी और पूर्व मंत्री अमृता रावत की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट बीते रोज पॉजिटिव आने के बाद से ही मंत्रियों और शासन के आला अधिकारियों में खलबली रही। सचिवालय में दहशत का अंदाजा इससे लग सकता है कि सचिवालय संघ ने समस्त सचिवालय कार्मिकों को तीन दिन क्वारंटाइन करने की मांग कर डाली। हालांकि मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इससे इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि सचिवालय में कामकाज बंद नहीं होगा।
रात्रि करीब साढ़े नौ बजे स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि उक्त मामले में अधिक रिस्क वाले कॉन्टेक्ट और कम रिस्क वाले कॉन्टेक्ट के आधार पर फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि कैबिनेट में मुख्य सचिव, दो अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश व राधा रतूड़ी समेत दर्जनभर विभागीय सचिव मौजूद थे।

देर रात बातचीत में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने स्वयं को क्वारंटाइन करने का निर्णय लिया है। साथ ही कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक व कैबिनेट में मौजूद अन्य दो मंत्रियों को भी एहतियातन सेल्फ क्वारंटाइन होने को कहा है।
एम्स ऋषिकेश में भर्ती कोरोना संक्रमित की मौत
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में भर्ती कोरोना संक्रमित युवक की शनिवार देर रात मौत हो गई। कोरोना संक्रमित मरीज की प्रदेश यह छठी मौत है। एम्स के अस्पताल प्रशासन के डीन प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि श्यामपुर निवासी 24 वर्षीय करंट से झुलसे युवक उपचार चल रहा था। कुछ दिन पहले उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। 27 मई को ओपीडी में चेकअप के लिए आया था। तब उसे सांस लेने में भी तकलीफ थी, इस पर उसकी कोरोना जांच कराई गई, जो पॉजिटिव आई थी। वह अस्पताल में आइसोलेट था, शनिवार रात उसने दम तोड़ दिया।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री सहित 27 मंत्री और अफसर नहीं होंगे क्वारंटीन
संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद बीते दिनों हुई कैबिनेट की बैठक में शामिल मंत्रियों और अफसरों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। उनकी केवल निगरानी होगी। वहीं, बैठक में चाय आदि देने वाले जीएमवीएन(गढ़वाल मंडल विकास निगम) के तीन लोगों की भी जांच होगी। इसमें चाय देने व कप आदि धुलने वालों को होम क्वारंटीन किया जाएगा।
बता दें कि पर्यटन मंत्री के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद प्रशासन ने कैबिनेट बैठक में मौजूद मंत्रियों और अफसरों की सूची मांगी थी। बीते रविवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, उनकी पत्नी समेत उनका परिवार और स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने के बाद कैबिनेट बैठक में शामिल मंत्रियों और अफसरों में खलबली मच गई थी।
जिसके बाद प्रशासन ने शासन से बैठक में मौजूद मंत्रियों और अफसरों की सूची मांगी थी। साथ ही कौन मंत्री और अफसर कहां बैठे थे, इसकी भी जानकारी ली। जिसके बाद चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक तथा स्वास्थ्य विभाग को सूची भेजकर उनकी आईसीएमआर की गाइडलाइन के तहत राय मांगी गई थी।
जिसके बाद डीजी हेल्थ ने रिपोर्ट में बताया कि कैबिनेट में शामिल मंत्री और अफसर आईसीएमआर की गाइडलाइन के तहत क्वारंटीन नहीं किए जाएंगे। उनकी केवल निगरानी की जाएगी। ऐसे में वह अपने काम पर भी जा सकते हैं। अब सरकार के मंत्री और अधिकारी कहीं भी आने और जाने के लिए स्वतंत्र हैं।

सोशल मीडिया में धन सिंह रावत को कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त करने की चर्चाएं, भाजपा ने किया खंडन
संवाददाता, देहरादून। सोशल मीडिया में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त करने की चर्चाओं का भाजपा ने खंडन किया है। वहीं, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने फेसबुक पोस्ट के जरिये इन चर्चाओं को गलत है और बेहद ही निंदनीय बताया।
बता दें कि कोरोना पॉजिटिव पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बीते शुक्रवार कैबिनेट में शामिल होने की वजह से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीन मंत्री मदन कौशिक, हरक सिंह रावत व सुबोध उनियाल सेल्फ क्वारंटाइन हैं। अलबत्ता कैबिनेट बैठक में शामिल रहे अधिकारी काबीना मंत्री सतपाल महाराज के क्लोज कॉन्टेक्ट में नहीं होने की वजह से कम रिस्क में हैं। पूरे देश में संभवत: यह पहला मामला होगा, जब मुख्यमंत्री और तीन मंत्रियों को इस तरह सेल्फ क्वारंटाइन और एक मंत्री को पूरे परिवार समेत कोरोना पॉजीटिव होकर अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।
वहीं, इस बीच सोशल मीडिया पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त करने के रूप में चर्चाओं का बाजार गरम हो गया। भाजपा ने प्रदेश में कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त करने संबंधी अफवाहों को विपक्ष के दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा बताया है।
इस संबंध में भाजपा के मीडिया प्रभारी अजेंद्र अजय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुद ही अपने को होम क्वारंटाइन किया है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री दूरभाष और अन्य माध्यमों से सभी आवश्यक कार्य निपटा रहे हैं। सभी मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी आदि लगातार उनसे मार्ग दर्शन ले रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के इस कृत्य को घृणित और निंदनीय बताया।
उधर, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने फेसबुक पोस्ट के जरिये एक बयान जारी कर कहा कि मुझे यह सूचना प्राप्त हुई है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर मुझे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में दर्शाया जा रहा है, जो कि बिल्कुल ही गलत है और बेहद ही निंदनीय है। मैं ऐसे लोगों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और ऐसे लोगों के खिलाफ मेरे द्वारा पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आप सभी लोगों को मैं कहना चाहता हूं कि भले ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सेल्फ क्वारंटाइन हैं, लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना के इस कठिन दौर में निरंतर मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा फोन के माध्यम से सभी मंत्रीगणों, विधायकगणों और उच्चाधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे हैं ताकि हमारा प्रदेश इस वैश्विक महामारी से जल्द से जल्द ठीक हो सके। मैं सभी सोशल मीडिया के मित्रों से अनुरोध करना चाहूंगा कि कृपया इस गलत खबर को सत्य ना माने।

कैबिनेट मंत्री महाराज और कौशिक को वीसी के जरिये होना था बैठक में शामिल, मगर बुला लिए गए
संवाददाता, देहरादून। सचिवालय में 29 मई को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और मदन कौशिक के भाग लेने को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा का बाजार गरम है। सूत्रों के मुताबिक दोनों मंत्रियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कैबिनेट में शामिल होना था, मगर बाद में दोनों की देहरादून में मौजूदगी के मद्देनजर उन्हें बैठक में बुला लिया गया।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और मदन कौशिक पिछले कुछ दिनों से चर्चा के केंद्र में हैं। इसके पीछे दोनों की अलग-अलग वजह हैं। कैबिनेट मंत्री महाराज के देहरादून स्थित आवास में हाल में कुछ लोग दिल्ली से आए थे। इसके बाद दिल्ली से आए लोगों को उनके घर के गेस्ट हाउस व कार्यालय वाले हिस्से में क्वारंटाइन कर दिया गया था।

अलबत्ता, महाराज को इस पर रियायत दे दी गई थी कि उनका आवास गेस्टहाउस व कार्यालय से अलग है। दूसरी तरफ, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक हरिद्वार में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में पहुंचा एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इस सबको देखते हुए दोनों कैबिनेट मंत्रियों को क्वारंटाइन करने की बात हो रही थी।
हालांकि, तर्क दिया गया था कि दोनों मंत्री किसी के संपर्क में नहीं आए। सूत्रों के अनुसार इस मामले में उठ रही बातों को देखते हुए दोनों मंत्रियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कैबिनेट में हिस्सा लेना था। अलबत्ता, बाद में उन्हें बैठक में बुला लिया गया। इसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चा है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्य एम्स से डिस्चार्ज, रहेंगे होम क्वांरटाइन
संवाददाता, ऋषिकेश। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को एम्स अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। साथ ही उन्हें होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। बताया गया कि यह सभी सदस्य एसिम्टमैटिक (जिस व्यक्ति में रोग के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हों) थे। लिहाजा केंद्र सरकार की गाइड लाइन के आधार पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती राज्य के पर्यटन मंत्री के परिवार के पांच सदस्यों को सोमवार शाम डिस्चार्ज कर दिया गया है। हेल्थ बुलेटिन में संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि बीते सूबे के काबीना मंत्री, उनकी पत्नी समेत परिवार के सात सदस्यों को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया था, जहां सभी सदस्यों की विस्तृत जांच की गई। उन्होंने बताया कि परिवार के इन सदस्यों को सोमवार शाम डिस्चार्ज कर दिया गया है। साथ ही उन्हें होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि यह सभी सदस्य एसिम्टमैटिक हैं। लिहाजा ऐसे मरीज, जिनमें कोविड के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के तहत होम क्वारंटाइन में रखा जा सकता है। इसलिए उनके व्यक्तिगत आग्रह पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री के परिवार के सदस्यों ने घर क्वारंटाइन रहने पर बेहतर और सुविधाजनक वातावरण की बात कही थी, लिहाजा सरकार की गाइड लाइन के तहत पांच लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
आपको बता दें कि शनिवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद रविवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, उनके परिवार और स्टाफ के 22 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें महाराज, उनका एक बेटा, दोनों बहुएं और चार साल के पोते के अलावा स्टाफ के 17 लोग शामिल थे। बड़े बेटे की दोबारा से कोरोना जांच कराई जाएगी। वहीं, महाराज के स्टाफ के 18 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई।

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