जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मैदान में धूप व पहाड़ में वर्षा होने के दौरान क्षेत्र की अधिकांश नदियां पूरे वेग पर बह रही हैं। ऐसे में कई युवा अपनी जान की परवाह किए बिना बीच नदी में पहुंचकर मछलियों का शिकार कर रहे हैं। यही नहीं छोटे बच्चे भी नदियों के तट पर मछली मारते हुए आसानी से देखने जा सकते है। पूर्व में हुए हादसों के बाद भी अभिभावक लापरवाह बने हुए हैं।
वर्तमान में पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के बाद क्षेत्र की मालन, खोह व कोल्हू नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में नदियों के तट पर रहने वाले कई युवा मछलियों के शिकार करने के लिए नदी के बीच उतर रहे हैं। सोमवार को भी अचानक बढ़े खोह नदी के जलस्तर में बड़ी संख्या में मछली पकड़ने वाले पहुंचे हुए थे। जबकि, पल भर में ही नदी का जलस्तर भी चढ़ता जा रहा था। कई अभिभावक अपने बच्चों के जीवन को लेकर भी लापरवाह बने हुए हैं। यही नहीं मछली पकड़ने के लिए नदियों में करंट व जहरीला पदार्थ भी डाला जा रहा है। जबकि कुछ वर्ष पूर्व खोह नदी में मछली पकड़ने के दौरान एक बच्चे की डूबने से मौत भी हो गई थी।

नहीं होता नदी के उफान का अंदाजा
कई बार मैदानी क्षेत्रों में धूप खिली रहती है। लेकिन, पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश चलती है। जिससे अचानक नदियां उफान पर आ जाती है। ऐसे में मछली पकड़ने वालों को इसका अंदाजा नहीं लग पाता कि कब नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार को भी कुछ युवा गिवईस्रोत में मछली का शिकार करने उतरे थे। उसी के समीप खड़े कुछ लोगों ने जब ऊपर से नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ देखा तो युवाओं को नदी से बाहर निकलने के लिए आवाज लगाई, जिसके बाद युवक नदी से बाहर निकले।