बागेश्वर। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे लंबे समय से नौकरी कर रहे 10 शिक्षकों की सेवाएं शिक्षा विभाग ने समाप्त कर दी हैं। विभाग की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा महकमे में हलचल मची हुई है।
जानकारी के अनुसार, मामला जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों से जुड़ा है। शिकायत और जांच के बाद दस्तावेजों के सत्यापन में अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। मामले में विभागीय जांच कराई गई, जिसके बाद संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
बताया गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी 10 शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। विभाग की ओर से दस्तावेजों के सत्यापन में लापरवाही और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फर्जी या कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करना गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर नियुक्तियों के समय प्रस्तुत किए गए शैक्षिक एवं अन्य प्रमाणपत्रों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर की जाएगी।