रुद्रप्रयाग। केदारनाथ-बदरीनाथ यात्रा के प्रमुख मार्ग पर सिरोहबगड़ पहुंचते ही यात्रियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। हर साल सिरोहबगड़ भूस्खलन क्षेत्र यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चुनौती बना है, अब यहां भूस्खलन क्षेत्र के स्थायी समाधान के लिए चल रहे कार्यों के कारण वन-वे व्यवस्था लागू है। वाहनों को रोक-रोककर निकाले जाने से दोनों ओर लंबी कतारें लग रही हैं और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
यात्रा सीजन में वाहनों के बढ़ते दबाव के बीच यह स्थिति यातायात समस्या का रूप ले रही है। सुरक्षा के लिहाज से वन-वे व्यवस्था जरूरी है, लेकिन यात्रा सीजन में इसका सीधा असर यातायात पर पड़ रहा है। वाहनों की संख्या बढ़ते ही कुछ ही समय में लंबी कतार लग जाती है। जाम खुलने के बाद एक साथ वाहनों का दबाव बढ़ने से अगले हिस्से में भी यातायात धीमा पड़ जाता है।
घंटों जाम में फंस रहे यात्री
सिरोहबगड़ से गुजरने वाले यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी जाम बन रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों के साथ स्थानीय वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। वन-वे व्यवस्था के कारण वाहनों को लंबे समय तक रुकना पड़ रहा है। यात्रियों की परेशानी इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि सिरोहबगड़ से आगे पहाड़ी मार्ग शुरू होता है और कई स्थानों पर यातायात को नियंत्रित करना पड़ता है।