पीएम मोदी ने पेश की मिसाल, अपने काफिले का आकार घटाया; संसाधन बचत का दिया बड़ा संदेश

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नई दिल्ली ,। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर सादगी, प्रशासनिक दक्षता और संसाधनों के संतुलित उपयोग का संदेश दिया है। जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी ने अपने हालिया घरेलू दौरों के दौरान काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम कर दी है। खास बात यह रही कि इस बदलाव में सुरक्षा मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया। सूत्रों के मुताबिक, वडोदरा और गुवाहाटी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री के काफिले में पहले की तुलना में कम वाहन शामिल किए गए। हालांकि, स्क्कत्र के सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह लागू रहे। सुरक्षा से जुड़े आवश्यक वाहन यथावत रखे गए, जबकि गैरजरूरी गाड़ियों की संख्या सीमित कर दी गई।
खुद उदाहरण पेश कर दिया बड़ा संदेश
यह फैसला हैदराबाद में प्रधानमंत्री के संबोधन के तुरंत बाद सामने आया। इसे प्रशासनिक दक्षता, ट्रैफिक प्रबंधन और आम लोगों की सुविधा से जोड़कर देखा जा रहा है। अक्सर ङ्कङ्कढ्ढक्क मूवमेंट के दौरान लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में पीएम मोदी ने खुद काफिला छोटा कर ईंधन बचत और सादगी का संदेश देने की कोशिश की है।
सरकारी खर्च और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर
प्रधानमंत्री के इस कदम की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। यूपी और एमपी समेत कई राज्यों में मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी काफिले का आकार सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इससे सरकारी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और अनावश्यक खर्च में कमी लाने का संदेश जाएगा।
हैदराबाद भाषण में की थी बचत की अपील
हाल ही में हैदराबाद में दिए गए संबोधन में पीएम मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा और ईंधन बचाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोग अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचें। साथ ही, कोरोना काल की तरह वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने पर भी जोर दिया था। पीएम मोदी ने कहा था कि दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, इसलिए ईंधन की बचत बेहद जरूरी है।

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