नई दिल्ली ,। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार अपने चरम पर है, लेकिन राजनीतिक रैलियों और तीखे बयानों के बीच एक दिलचस्प घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक साधारण सी मुलाकात अब चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।दरअसल, झाड़ग्राम में एक चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद लौटते समय प्रधानमंत्री मोदी का काफिला अचानक सड़क किनारे एक झालमुड़ी विक्रेता के पास रुक गया। यहां उन्होंने आम लोगों की तरह 10 रुपये की झालमुड़ी खरीदी, उसका आनंद लिया और बदले में दुकानदार को 10 रुपये का नोट दिया।
साधारण पल बना खास कहानी
झालमुड़ी बेचने वाले के लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं था। जैसे ही यह खबर फैली कि प्रधानमंत्री उसकी दुकान पर रुके थे, वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी। हर कोई उस जगह को देखने और उस दुकानदार से मिलने पहुंचने लगा। लेकिन असली चर्चा तब शुरू हुई, जब लोगों को पता चला कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया 10 रुपये का वही नोट अभी भी दुकानदार के पास सुरक्षित है।
10 रुपये का नोट बना ‘कीमती धरोहरÓ
स्थानीय स्तर पर इस नोट को खरीदने के लिए लोगों में होड़ मच गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चर्चाओं के अनुसार, कुछ संग्रहकर्ताओं और प्रशंसकों ने इस नोट के लिए ऊंची बोली लगानी शुरू कर दी, जो कथित तौर पर 1 लाख रुपये तक पहुंच गई। लोग इसे सिर्फ एक नोट नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और सौभाग्य का प्रतीक मान रहे हैं।
दुकानदार का दिलचस्प फैसला
हालांकि इतनी बड़ी रकम की पेशकश के बावजूद दुकानदार ने यह नोट बेचने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि प्रधानमंत्री का उसकी दुकान पर आना और खुद भुगतान करना उसके जीवन का सबसे यादगार पल है। वह इस नोट को फ्रेम करवाकर अपनी दुकान में संभाल कर रखना चाहता है। इस पूरी घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। जहां समर्थक इसे प्रधानमंत्री की सादगी और आम जनता से जुड़ाव का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं।