अल्मोड़ा। प्रमुख सचिव उत्तराखंड शासन रमेश कुमार सुधांशु ने शुक्रवार को अपनी प्रथम नियुक्ति स्थल रानीखेत पहुंचकर विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2000 से 2026 तक क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की प्रगति का पीपीटी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अवलोकन किया। बैठक में लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी अंशुल सिंह को विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। वन विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने विकास कार्यों के लिए आवश्यक अनुमतियों में अनावश्यक देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा में गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग को जनसंतोष के आकलन के लिए प्रभावी फीडबैक प्रणाली विकसित करने और अस्पतालों में शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। पर्यटन विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने ‘हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम’ पर्यटन मॉडल अपनाने पर बल दिया। उन्होंने वन और पर्यटन विभाग को समन्वय बनाकर इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर भी जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रानीखेत क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और वेलनेस तथा नेचुरोपैथी जैसे क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। बैठक के बाद प्रमुख सचिव ने विधायक प्रमोद नैनवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों से मुलाकात कर सुझाव भी लिए। बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, प्रदीप धौलाखंडी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।