पैदल मार्ग पर बढ़ रही गंदगी, लीद की फिसलन से यात्रियों से परेशानी

Spread the love

रूद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कई हिस्सों में कचरा और घोड़े-खच्चरों की लीद जमा होने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। इससे जहां श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, वहीं फिसलन भरे रास्तों पर दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर इन दिनों गंदगी बढ़ने लगी है। कई स्थानों पर फैली गंदगी और घोड़े-खच्चरों की लीद से उठ रही दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को परेशानी हो रही है। वहीं मार्ग पर लीद जमा होने से कई जगह पैदल मार्ग पर फिसलन हो रही है।
गौरीकुंड व्यापार संघ के अध्यक्ष रामचंद्र गोस्वामी ने बताया कि यात्रा के पीक सीजन के दौरान पैदल मार्ग पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक थी, लेकिन यात्रियों की संख्या कम होने के बाद कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लग गए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित संस्था ने घोड़े-खच्चरों की लीद और अन्य कचरा एकत्रित करने के लिए रखी थैलियां भी कई स्थानों पर मार्ग के किनारे ही पड़ी हुई हैं। समय पर उनका निस्तारण नहीं होने से समस्या बढ़ती जा रही है और लीद जमा होने से पैदल मार्ग पर फिसलन हो रही है।
उधर, सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही सुलभ इंटरनेशनल के स्थानीय प्रबंधक धनंजय पाठक ने बताया कि बरसात के बाद भी सभी सफाई कर्मी पैदल मार्ग पर लगातार तैनात हैं। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण एकत्रित की गई लीद और कचरा बरसाती पानी के साथ बह रहा है।
पैदल मार्ग पर समुचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने से बरसाती पानी मलबे के साथ बहकर कचरे और लीद को भी इधर-उधर फैला देता है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मी लगातार मार्ग की सफाई में जुटे हैं और शीघ्र ही मार्ग को पूरी तरह स्वच्छ कर दिया जाएगा। इन एकत्रित बोरों को भी ट्रक के माध्यम से सोनप्रयाग पहुंचाया जा रहा है।
बिना पंजीकरण घोड़ा-खच्चर संचालन पर सख्ती
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बिना पंजीकरण घोड़ा-खच्चर संचालन करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बिना लाइसेंस हॉकर रखने वाले संचालकों के चालान काटे जा रहे हैं और लाइसेंस भी जब्त किए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार केदारनाथ यात्रा के तहत अब तक 484 हॉकरों का पंजीकरण किया जा चुका है। गौरीकुंड, भीमबली, लिनचोली और केदारनाथ में जिला पंचायत की ओर से पंजीकरण शिविर संचालित किए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *