मांगों को लेकर आयुर्वेदिक चिकित्सकों का विरोध तेज

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उत्तरकाशी। राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर जनपद के विभिन्न आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में तैनात चिकित्सकों ने आधार आधारित बायोमीट्रिक एवं मोबाइल ऐप आधारित उपस्थिति व्यवस्था का विरोध जताया। चिकित्सकों ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में बांह पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया और ओपीडी सेवाओं का संचालन किया।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र चंद ने बताया कि संगठन चिकित्सा संवर्ग के लिए विभागीय निदेशक की नियुक्ति, विभागीय ढांचे के पुनर्गठन, पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत है। उन्होंने कहा कि सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के प्रति शासन और निदेशालय स्तर पर अपनाए जा रहे उपेक्षापूर्ण रवैये से चिकित्सकों में रोष है। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी इस आंदोलन में शामिल हैं।विरोध कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद धोनी, डॉ. मनमोहन राणा, डॉ. महेश भट्ट सहित अन्य चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर अपनी सेवाएं दीं। डॉ. वीरेन्द्र चंद ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा बताते हुए कहा कि 11 और 12 जून को सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में ओपीडी केवल आधे दिन संचालित की जाएगी। वहीं 13 जून को ओपीडी का पूर्ण बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 15 जून से प्रदेश स्तर पर सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए निदेशालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

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