बड़कोट/पुरोला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों के स्थानांतरण को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। दोनों स्थानों पर व्यापार मंडल, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने तबादला के आदेशों का विरोध करते हुए सरकार से इन्हें तत्काल निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि जनहित में निर्णय वापस नहीं लिया गया तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। पुरोला उपजिला चिकित्सालय में तैनात एक मात्र फिजिशियन डॉ. मनोज असवाल के अचानक हुए स्थानांतरण का क्षेत्र में तीखा विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि पुरोला, मोरी और सरबड़ियाड़ सहित दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों मरीज उनके उपचार पर निर्भर हैं। ऐसे में उनके स्थानांतरण से पहले से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी झेल रहे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित होगी।
व्यापार मंडल, प्रधान संगठन और अन्य सामाजिक संगठनों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजकर आदेश निरस्त करने की मांग की। क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश लाल और पूर्व विधायक मालचंद ने भी सरकार से जनहित में तबादला रोकने का आग्रह किया है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंगद सिंह राणा के विकासनगर स्थानांतरण का भी स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है। व्यापार मंडल, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी एवं सीएमओ को ज्ञापन भेजकर कहा कि डॉ. राणा ने वर्षों तक दुर्गम क्षेत्र में रहकर उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं और मरीजों का गहरा विश्वास अर्जित किया है। उनका कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पहले ही कमी है। ऐसे में अनुभवी डॉक्टरों का स्थानांतरण स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर करेगा। कहा कि बड़कोट यमुनोत्री धाम का यात्रा पड़ाव भी है। ऐसे में अनुभवी डॉक्टर का स्थानांतरण किए जाने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी खासी दिक्कतें झेलनी पड़ेगी।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।