जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पौड़ी के तत्वावधान में शनिवार को जिला न्यायालय परिसर पौड़ी तथा बाह्य न्यायालय परिसर कोटद्वार, लैंसडौन एवं श्रीनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में आमजन ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करते हुए अपने विभिन्न वादों एवं विवादों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण कराया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल लगभग 1366 वादों का निस्तारण किया गया तथा विभिन्न मामलों में कुल 2,05,86,343/- (दो करोड़ पांच लाख छियासी हजार तीन सौ तैंतालीस रुपये) की धनवसूली/समझौता राशि निर्धारित की गई। इसके अतिरिक्त बैंक संबंधी धनवसूली के प्री-लिटिगेशन के 44 वादों का भी निस्तारण किया गया, जिनमें 15,48,000/- (पंद्रह लाख अड़तालीस हजार रुपये) की धनवसूली की गई। उल्लेखनीय है कि मई 2026 में आयोजित पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 766 वादों का निस्तारण किया गया था तथा 1,27,85,832/- (एक करोड़ सत्ताईस लाख पचासी हजार आठ सौ बत्तीस रुपये) की धनवसूली की गई थी। साथ ही बैंक संबंधी धनवसूली के प्री-लिटिगेशन के 12 वादों का निस्तारण करते हुए 7,09,000/- (सात लाख नौ हजार रुपये) की धनवसूली की गई थी। इस प्रकार सितंबर 2026 में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत की तुलना में 600 अधिक वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, नियमित मामलों में धनवसूली/समझौता राशि में भी लगभग 78 लाख की वृद्धि हुई। बैंक संबंधी प्री-लिटिगेशन मामलों में भी 12 से बढ़कर 44 वादों का निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पौड़ी द्वारा आमजन से अपील की गई कि वे अपने लंबित अथवा प्री-लिटिगेशन विवादों के शीघ्र एवं सुलहपूर्ण समाधान के लिए लोक अदालत एवं विधिक सेवा संस्थाओं की सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं।