विनोबा भावे के विचारों को आत्मसात कर ही होगा सर्वोत्थान : नागेंद्र उनियाल

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कण्वाश्रम ग्राम स्वराज समिति और सर्वोदय गढ़वाल मंडल ने मनाई भूदान आंदोलन के प्रणेता विनोबा भावे की 131वीं जयंती
सामाजिक सेवा के लिए कै. पी.एल. खंतवाल को मिला ‘भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे सम्मान-2026’
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : समाज के सर्वांगीण उत्थान के लिए आचार्य विनोबा भावे के विचारों को आत्मसात करना आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक है। उनके ‘सर्वोदय’ के विचार में पूरे मानव समाज के कल्याण की भावना निहित है। यह बात वरिष्ठ पत्रकार नागेंद्र उनियाल ने कही।


कण्वाश्रम ग्राम स्वराज समिति एवं सर्वोदय गढ़वाल मंडल के संयुक्त तत्वावधान में हल्दूखाता स्थित बोक्सा बालिका जनजाति विद्यालय में कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल (सेवानिवृत्त) बिमला रावत ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार सुभाष चंद्र नौटियाल और समाजसेवी डॉ. कमलेश कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना से हुआ। मुख्य अतिथि नागेंद्र उनियाल ने कहा कि आज समाज अपने महापुरुषों द्वारा स्थापित नैतिक मूल्यों और आदर्शों को धीरे-धीरे भूलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे का ‘सर्वोदय’ केवल एक विचार नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के कल्याण का मार्ग है। समाज में बढ़ती वैमनस्यता और विभाजन को समाप्त करने के लिए इस विचार को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तब तक वास्तविक प्रगति नहीं कर सकता, जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान सुनिश्चित न हो। गढ़वाल सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र लाल आर्य ने आचार्य विनोबा भावे के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन को समाज के अंतिम व्यक्ति, गरीब, शोषित और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित किया। वक्ताओं ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी और आध्यात्मिक विचारक विनोबा भावे ने स्वतंत्र भारत में भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 1951 में भूदान आंदोलन की शुरुआत की थी। इस आंदोलन के माध्यम से बड़ी संख्या में भूमिहीन लोगों को भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। वहीं, सर्वोदय के माध्यम से उन्होंने गरीबों, शोषितों और वंचितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। इस अवसर पर सामाजिक क्षेत्र में समर्पित सेवाओं के लिए कै. पी.एल. खंतवाल को ‘भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीता रावत शाह एवं डॉ. सुरेंद्र लाल आर्य ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर समिति के संरक्षक प्रकाश कोठारी, प्रो. बी.सी. शाह, शील सौरव रावत, स्नेहदीप रावत, एस.एन. नौटियाल, राजेंद्र पंत, कंचन रावत, प्रीति रावत, मीना बछुवाण, लक्ष्मी देवी, धीरजधर बछुवाण, राजेंद्र सिंह नेगी, शूरवीर खेतवाल, महेंद्र पाल सिंह रावत, रिपुदमन बिष्ट, धीरेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।

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