लाउडस्पीकर विवाद पर राज ठाकरे ने सीएम उद्घव को दी सख्त चेतावनी, कहा- हमारे धैर्य की न लें परीक्षा

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मुंबई, एजेंसी। मस्जिदों पर लाउडस्पीकर के मुद्दे पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे की जमकर आलोचना की है। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने मंगलवार को शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार को इस मामले में अपनी पार्टी के धैर्य की परीक्षा के खिलाफ आगाह किया है। मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में राज ठाकरे ने कहा कि 28,000 से अधिक मनसे कार्यकर्ताओं को निवारक नोटिस दिए गए हैं, जबकि हजारों को राज्य से बाहर भेज दिया गया है।
उद्घव को लिखे पत्र में सवाल करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि यह (पुलिस कार्रवाई) किस लिए है? मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाने के लिए जो ध्वनि प्रदूषण का कारण बन रहे हैं? साथ ही राज ठाकरे कहा कि पुलिस महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेताओं की तलाश कर रही है जैसे कि वे पाकिस्तानी आतंकवादी या पूर्ववर्ती निजाम शासन के श्रजाकारश् हों।
मनसे प्रमुख ने हैरानी जताते हुए कहा कि यह मुझे सोचने पर मजबूर करता है कि क्या पुलिस ने आतंकवादियों या मस्जिदों में छिपे हथियारों का पता लगाने के लिए वही सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा कि मराठी लोग और हमारे हिंदू भाई राज्य सरकार के इस रुख को देख रहे हैं।
राज ठाकरे ने उद्घव ठाकरे से कहा कि मेरे पास राज्य सरकार को बताने के लिए केवल एक ही चीज है। हमारे धैर्य की परीक्षा न लें। शक्ति का ताम्रपत्र लेकर कोई नहीं आया है। आप भी नहीं।
बता दें कि राज ठाकरे ने इससे पहले 4 मई को राज्य सरकार को मस्जिदों के ऊपर से लाउडस्पीकर हटाने का अल्टीमेटम दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो मस्जिदों के बाहर अधिक मात्रा में श्हनुमान चालीसाश् बजाया जाएगा।
गौरतलब है कि राज ठाकरे के अल्टीमेटम पर राज्य सरकार ने कहा था कि केंद्र सरकार को पब्लिक एड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल पर नीति बनानी चाहिए। 4 मई को हनुमान चालीसा बजाने पर एक उद्दंड स्थिति बनाए रखते हुए राज ठाकरे ने कहा था कि उनकी पार्टी तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी जब तक कि मस्जिदों के सभी साउंड सिस्टम को बंद नहीं कर दिया जाता है।

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