नई दिल्ली , भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लगातार प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने पर टीम मैनेजमेंट की कड़ी आलोचना की है। शास्त्री का मानना है कि हाल ही में खत्म हुई आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज वैभव का इंटरनेशनल डेब्यू कराने के लिए सबसे बेहतरीन मौका था, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन्हें पूरे दौरे में सिर्फ बेंच पर ही बैठाए रखा। भारत ने आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की यह सीरीज 0-2 से गंवा दी थी। इसके बाद 1 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भी इस युवा खिलाड़ी को मौका नहीं दिया गया, जिससे क्रिकेट दिग्गजों का गुस्सा फूट पड़ा है।
लाइव टीवी पर शास्त्री का विवादित और बेतुका बयान
वैभव को लगातार नजरअंदाज किए जाने से नाराज रवि शास्त्री ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बातचीत के दौरान अपनी भड़ास निकालते हुए एक बेहद बेतुका और आपत्तिजनक बयान दे डाला। शास्त्री ने कहा कि वैभव को आयरलैंड के खिलाफ ही खिलाना चाहिए था क्योंकि वहां की धीमी पिच और छोटे ग्राउंड का वह पूरा फायदा उठाता। इसी दौरान उन्होंने आपा खोते हुए कह दिया कि अगर वैभव खेलता तो वो ‘पैंट उतारकर***** देता। शास्त्री के इस अजीबोगरीब और विवादित बयान की अब हर तरफ चर्चा हो रही है।
युवा खिलाड़ी को टीम का ‘एक्स-फैक्टर मानते हैं शास्त्री
पूर्व कोच ने वैभव की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें भारतीय टीम का सबसे बड़ा ‘एक्स-फैक्टर करार दिया। शास्त्री का कहना है कि 15 साल की उम्र में यह खिलाड़ी बिना किसी दबाव और निडर होकर खेलता है। शास्त्री ने कहा कि उसमें युवाओं वाली ऊर्जा है और उसे किसी का डर नहीं है। अगर शुरुआती दो-तीन ओवर में उसका बल्ला चल गया, तो वह टीम को ऐसी शुरुआत देगा जिसका फायदा पूरा मिडिल ऑर्डर उठा सकता है। इसलिए टीम मैनेजमेंट को जल्द से जल्द उसके लिए जगह बनानी ही होगी।
शानदार प्रदर्शन के बावजूद डेब्यू का इंतजार
वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ महीनों से लगातार अपने बल्ले से आग उगल रहे हैं। उन्होंने इसी साल भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने आईपीएल 2026 में भी अपने बल्ले का खौफ दिखाते हुए 776 रन बनाकर कई बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। शास्त्री ने याद दिलाया कि वैभव ने आईपीएल में ऐसा कोई तेज गेंदबाज नहीं छोड़ा जिसकी धुनाई न की हो। इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद आयरलैंड और अब इंग्लैंड दौरे पर उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है और उनका इंटरनेशनल डेब्यू लगातार टलता जा रहा है।