पढ़िए: पौड़ी जिले में किस तहसील में कितनी हुई बारिश, कौन सी सड़के है बंद

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कोटद्वार तहसील में क्षेत्र में सर्वाधिक 60 तो चौबट्टाखाल सबसे कम 1 मिमी. बारिश
लोनिवि लैंसडौन की चार सड़के बंद
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। पौड़ी जिले में रविवार रात से हुई मूसलाधार बारिश सोमवार को दोपहर तक जारी है।  बारिश के दौरान क्षेत्र की तमाम नदियों में जलस्तर बढ़ गया, वहीं सड़के जलमग्न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नदियों का जल स्तर बढ़ने के कारण नदी से लगे इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। नदियों का जल स्तर बढ़ने से नदियों से सटे इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिले में 18.3 मिलीमीटर बारिश हुई है। कोटद्वार तहसील में सर्वाधिक 60 मिलीमीटर और सबसे कम चौबट्टाखाल तहसील में 1 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रान्तीय खण्ड लोक निर्माण विभाग लैंसडौन के अधीन 1 प्रमुख जिला मार्ग और तीन ग्रामीण मार्ग पर यातायात ठप है।
आपदा कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार पौड़ी तहसील में 12, श्रीनगर में 13, लैंसडौन में 10, कोटद्वार में 60, धुमाकोट में 9, थलीसैंण में 12, साकीसैंण में 8, सतपुली में 8, चौबट्टाखाल में 1, यमकेश्वर में 50 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश के कारण प्रान्तीय खण्ड लोक निर्माण विभाग लैंसडौन की गैण्डखाल-आमसैंण मोटर मार्ग, नोडखाल-नाद-सिंगटाली मोटर मार्ग, गुमखाल-सारी मोटर मार्ग, फतेहपुर-लैंसडौन मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद है।
कोटद्वार भाबर में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है। दो दिन से रूक-रूक कर हो रही इस बारिश से अब लोग परेशान हो गये है। कई जगह जल भराव हो गया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आ गई है। बारिश की वजह से लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैं। रविवार रात से हो रही बारिश का सिलसिला सोमवार दोपहर तक भी जारी रहा। सुबह से ही तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश शुरु हो गई। बारिश के कारण क्षेत्र में जहां कई सड़के जलमग्न हो गई, वहीं खोह, सुखरो व मालन नदियों में जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में खतरा पैदा हो गया। पिछले दो-तीन दिन से कोटद्वार भाबर में लगातार बारिश हो रही है। बारिश से नदियों और गदेरे का जल स्तर बढ़ गया है। बारिश के कारण जहां सड़कों में जलभराव की स्थिति देखी जा रही है, वहीं कामकाजी लोगों को भी बारिश के चलते अपने-अपने ऑफिस पहुंचने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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