रोगी को डंडी कंडी के सहारे पहुंचाया अस्पताल

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चमोली । सीमांत जनपद चमोली की प्रस्तावित ग्रीष्मकालीन राजधानी में सड़क के अभाव में स्वास्थ्य सुविधाएं रामभरोसे हैं। शुक्रवार को ऐसा ही कुछ देखने में आया जब गैरसैंण के तेवाखर्क गांव के ग्रामीण बीमार को डंडी-कंडी में उठाकर मुख्य मार्ग तक लाए। गांव में बीते सप्ताह में यह दूसरा मामला है। इससे पूर्व 52 वर्षीय महिला को कंधे पर उठाकर सड़क तक लाया गया था।
बीते गुरुवार रात 55 वर्षीय ग्रामीण कंचन सिंह की तबियत खराब हो गई। ग्रामीण रोगी को किसी तरह सुबह पांच बजे डंडी के सहारे चार किमी दूर मालकोट सड़क मार्ग तक लाए। जहां से उसे निजी वाहन द्वारा रानीखेत अस्पताल ले जाया गया। प्रधान हेमा बिष्ट ने बताया कि विकट परिस्थितियों में ग्रामीण बीमारी से जूझ रहे हैं। सड़क के साथ यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का टोटा परेशानी का सबब बना है। आठ वर्ष में भी नहीं हुआ सड़क निर्माण
वर्ष 2012 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने मालकोट-कालीमाटी-सेरा-तेवाखर्क मोटर मार्ग की स्वीति प्रदान की थी। 212़86 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाली चार किमी सड़क का कार्य प्रारंभ होना था। लेकिन, आठ वर्ष बाद भी एक इंच सड़क निर्माण लोनिवि नहीं कर पाया है। इस संबंध में लोनिवि के अधिशासी अभियंता एमएस बेडवाल ने बताया कि विभागीय स्तर से इस्टीमेंट शासन को भेजा जा चुका है। जैसे ही इसी स्वीति मिलती है उसके उपरात कार्य प्रारंभ होगा। सड़क निर्माण समिति अध्यक्ष दयाल सिंह ने कहा जनवरी में ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर भूख हड़ताल की थी। जिस पर क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र सिंह नेगी ने ग्रामीणों को दो माह के भीतर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने का भरोसा दिया। लेकिन, आठ माह बीते जाने के बाद स्थिति जस की तस है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र निर्माण प्रक्रिया शुरू नही की गई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।

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